कावड़िया कावड़ लाय रहे

कावड़िया कावड़ लाय रहे

कावड़िया कावड़ लाय रहे,
भोले की महिमा गाय रहे।

न पैरो के छाले देख रहे
भक्ति में दुखड़े लाखों सहे,
शिव भोले के मन में समाये रहे,
कावड़िया कावड़ लाय रहे,
भोले की महिमा गाय रहे।

लगी सुरति की हां नाथ में है
और जोश निराला नाथ में,
खुद नाचे गावे नचाये रहे
भोले की महिमा गाए रहे,
कावड़िया कावड़ लाय रहे,
भोले की महिमा गाय रहे।

कहीं लाख कावड़ियों का लारा है,
सावन का अजब नज़ारा है,
जय कारे मन को लुभाय रहे,
भोले की महिमा गाए रहे,
कावड़िया कावड़ लाय रहे,
भोले की महिमा गाय रहे।

लिखे भजन यो सतन खटाना रे,
भोले का होया दीवाना रे
केशव यो शिवानी गाय रहे,
कावड़िया कावड़ लाये रहे,
भोले की महिमा गाए रहे,
कावड़िया कावड़ लाय रहे,
भोले की महिमा गाय रहे।

कावड़िया कावड़ लाय रहे,
भोले की महिमा गाय रहे।



Kawar Bhajan !! कावड़िया कावर लाये रहे !! Shivani & Keshav !! Shiv Bhajan | 2022 Shiv Bhajan


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