आओ बच्चों तुम्हें दिखायें झाँकी हिंदुस्तान मीनिंग

जहाँ पर हमारा देश भारत, एक विशाल देश है जो दुनिया में अपनी विविधता और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहाँ पर लोग अपनी भाषाएँ, धर्म, रंग, संस्कृति और सभी जातियों के साथ एक दूसरे के साथ अनुभव साझा करते हैं। इस देश में अनेक धर्म, जैसे हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन आदि होते हैं। इसके अलावा यहाँ पर अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं जैसे हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, गुजराती, बंगाली, पंजाबी, उड़िया, मराठी आदि।
हमारा देश एक बड़ा और सुंदर देश है जो प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। यहाँ पर पर्वत, झील, नदियाँ, वन, बाग-बगीचे और अनेक ऐतिहासिक स्थल भी हैं। इन्ही को समेटे यह एक देशभक्ति गीत है।

आओ बच्चों तुम्हें दिखायें झाँकी हिंदुस्तान मीनिंग

आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
झाँकी हिंदुस्तान की,
इस मिट्टी से तिलक करो,
ये धरती है बलिदान की,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम।

आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
झाँकी हिंदुस्तान की,
इस मिट्टी से तिलक करो,
ये धरती है बलिदान की,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम।

ये है अपना राजपूताना,
ना इसे तलवारों पे,
इसने सारा जीवन काटा,
बरछी तीर कटारों पे,
ये प्रताप का वतन पला है,
आजादी के नारों पे,
कूद पड़ी थी यहाँ हजारों,
पद्मिनियाँ अंगारों पे,
बोल रही है कण कण से,
कुर्बानी राजस्थान की,
इस मिट्टी से तिलक करो,
ये धरती है बलिदान की,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम।

देखो मुल्क मराठों का ये,
यहाँ शिवाजी डोला था,
मुगलों की ताकत को जिसने,
तलवारों पे तोला था,
हर पर्वत पे आग लगी थी,
हर पत्थर एक शोला था,
बोली हर हर महादेव की,
बच्चा बच्चा बोला था,
शेर शिवाजी ने रखी थी,
लाज हमारी शान की,
इस मिट्टी से तिलक करो,
ये धरती है बलिदान की,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम।

जलियां वाला बाग ये देखो,
यहां चली थी गोलियां,
ये मत पूछो किसने खेली,
यहां खून की होलियां
एक तरफ बंदूकें दन दन,
एक तरफ थी टोलियां,
मरने वाले बोल रहे थे,
इंकलाब की बोलियां,
यहाँ लगा दी बहनों ने भी,
बाजी अपनी जान की,
इस मिट्टी से तिलक करो,
ये धरती है बलिदान की,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वन्दे मातरम।

आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
झाँकी हिंदुस्तान की,
इस मिट्टी से तिलक करो,
ये धरती है बलिदान की,
वंदे मातरम वंदे मातरम,
वंदे मातरम वंदे मातरम।

आओ बच्चों तुम्हें दिखायें, Come children, let us show you,
झाँकी हिंदुस्तान की, A glimpse of Hindustan,
इस मिट्टी से तिलक करो, Put a Tilak on Head from the soil of this Holy Land
ये धरती है बलिदान की, This Land is of sacrifice,
वंदे मातरम वंदे मातरम, Salute to motherland, salute to motherland,
वंदे मातरम वंदे मातरम। Salute to motherland, salute to motherland,
ये है अपना राजपूताना - This is our Rajputana,
ना इसे तलवारों पे - Not on swords,
इसने सारा जीवन काटा - It has sacrificed everything,
बरछी तीर कटारों पे - On arrows and daggers,
ये प्रताप का वतन पला है - This is the land of Pratap,
आजादी के नारों पे - On the slogans of freedom,
कूद पड़ी थी यहाँ हजारों - Thousands had jumped here,
पद्मिनियाँ अंगारों पे - On the embers of pyres,
बोल रही है कण कण से - Every particle is saying,
कुर्बानी राजस्थान की - The sacrifice of Rajasthan,
इस मिट्टी से तिलक करो - Apply the tilak from this soil,
ये धरती है बलिदान की - This land is of sacrifice,
वंदे मातरम वंदे मातरम - Salute to the motherland, salute to the motherland,
वंदे मातरम वंदे मातरम। - Salute to the motherland, salute to the motherland.
देखो मुल्क मराठों का ये - Look at this land of the Marathas
यहाँ शिवाजी डोला था - Where Shivaji roamed
मुगलों की ताकत को जिसने - The one who challenged the might of the Mughals
तलवारों पे तोला था - And weighed swords
हर पर्वत पे आग लगी थी - Fires burned on every mountain
हर पत्थर एक शोला था - Every stone was a flame
बोली हर हर महादेव की - The chant of "Har Har Mahadev" echoed
बच्चा बच्चा बोला था - Every child spoke it
शेर शिवाजी ने रखी थी - Shivaji kept the pride of lions
लाज हमारी शान की - The honor of our pride
इस मिट्टी से तिलक करो - Anoint this soil with a mark
ये धरती है बलिदान की - This earth is a sacrifice
वंदे मातरम वंदे मातरम - I salute thee, Mother
वंदे मातरम वंदे मातरम। - I salute thee, Mother
जलियां वाला बाग ये देखो - Look at this garden of Jallianwala Bagh
यहां चली थी गोलियां - Where bullets were fired
ये मत पूछो किसने खेली - Don't ask who played (fired) them
यहां खून की होलियां - Here were the colors of blood
एक तरफ बंदूकें दन दन - On one side were guns firing
एक तरफ थी टोलियां - On the other side were people counting their last moments
मरने वाले बोल रहे थे - Those who were about to die were speaking
इंकलाब की बोलियां - The slogans of revolution
यहाँ लगा दी बहनों ने भी - Even sisters participated in this
बाजी अपनी जान की - Played with their lives
इस मिट्टी से तिलक करो - Apply Tilak (sacred mark) on this soil
ये धरती है बलिदान की - This land is the sacrifice
वंदे मातरम वंदे मातरम - Salute to Motherland
वंदे मातरम वंदे मातरम - Salute to Motherland
वंदे मातरम वंदे मातरम - Salute to Motherland
वंदे मातरम वन्दे मातरम। - Salute to Motherland

English Meaning of "Aao Baccho Tumhe Dikhaye " Patriotic Song
यह गीत "वंदे मातरम" हिंदुस्तान के सम्मान के लिए एक गीत है। इस गीत को कवी प्रदीप जी ने लिखा और गाया है। इस गीत में हिंदुस्तान के यश और स्वतंत्रता का संदेश है। इस गीत में हम सभी भारतीयों को अपने देश के लिए समर्पित होने का संदेश है। इस गीत में देश की धरती को बलिदान की धरती के रूप में दिखाया गया है।

गीत के पहले दो पंक्तियों में बच्चों को देश की झांकी दिखाई जाती है और उनसे कहा जाता है कि इस मिट्टी से तिलक करें जो बलिदान की मिट्टी है। यह एक संकल्प है कि हम अपने देश के लिए जीवन का बलिदान करेंगे।
अंतिम दो पंक्तियों में गीत में हिंदुस्तान की जय का संदेश है और वंदे मातरम का नारा दिया गया है। वंदे मातरम एक संकल्प है कि हम हमेशा अपने देश के लिए समर्पित रहेंगे और इसकी जय का नारा देंगे।
इस गीत में देश की समृद्ध संस्कृति, विविधता, समानता और एकता का संदेश है। यह गीत भारत माता के सम्मान में गाया जाता है यह एक प्रसिद्ध हिंदी राष्ट्रगीत है। यह भारत की स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है और इसके शब्दों में भारत की वीरता और बलिदान की भावना दर्शाई गई है।


आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं HD - जागृति अभि भट्टाचार्य - कवि प्रदीप - Patriotic Song - Old Is Gold

About The Writer of This Song :
Kavi Pradeep was a renowned Indian poet and songwriter who is best known for writing the lyrics of the iconic patriotic song "Aye Mere Watan Ke Logo". He was born on February 6, 1915, in Badnagar, Madhya Pradesh, India, and his real name was Ramchandra Narayanji Dwivedi.

Kavi Pradeep started writing poetry at a young age and later moved to Bombay (now Mumbai) to pursue a career in music. He began his career as a lyricist in 1943 with the film "Kamal" and went on to write songs for more than 120 films in Hindi, including some of the most popular songs of the time.
Next Post Previous Post