मनमोहन खेल रहे होली भजन

मनमोहन खेल रहे होली भजन चित्र विचित्र महाराज

 
मनमोहन खेल रहे होली Manmohan Khel Rahe Holi Lyrics Man Mohan Khel Rahe Holi

मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन,
हा रे मनमोहन हां मनमोहन,
खेल रहे होली मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन।

कोई बचा ना कुन्ज गली में,
हां वारे रसिया हो वारे रसिया,
ऐसी मोहन की टोली,
हा ओ मनमोहन,
कोई बना है रंग रंगीला,
उड़े गुलाल माले रोली,
हा ओ मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन।

चुनर भीग गयी सखियाँ की,
हो हां वारे रसिया,
चुनर भीग गयी सखियाँ की,
रंग में भीग गयी चोली हा,
हा रंग में भीग गयी चोली,
अरे रंग में भीग गयी चोली,
ओ मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन।

हो अबीर गुलाल फीत में कसके,
हो हां वारे रसिया,
बीर गुलाल फीत में कसके,
मारत भर भर के झोली,
हा ओ मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन।

हा रे मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन,
खेल रहे होली मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन।
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन,
हा रे मनमोहन हां मनमोहन,
खेल रहे होली मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन,
मनमोहन खेल रहे होली,
मनमोहन।

होली स्पेशल भजन - मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन | बाबा श्री चित्र विचित्र जी महाराज | #भजनांजलि Manmohan Khel Rahe Holi Bhajan

मनमोहन खेल रहे होली के रंगों में जीवन के हर पहलू में उल्लास और जीवंतता की झलक मिलती है। यह खेल सदियों पुरानी परंपरा की तरह है, जो पूरी सजीवता के साथ खुशियों का स्नेह फैलाता है। हर गली, हर कोना रंगों की उस बारिश से भीग जाता है, जिससे बचना मुमकिन नहीं रहता। यह उत्सव केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि आत्मा की उस आज़ादी का भी प्रतीक है जो बंधनों से मुक्त होती है और प्रेम के रंग में रंग जाती है। चुन्नर की भीगी हुई छवि और सखियों की हँसी यह बताती है कि यह दिन हर दिल को प्रेम से भर देता है।
 
☛ Singer Name: बाबा श्री चित्र विचित्र जी महाराज
☛ Video Name: होली स्पेशल भजन - मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन

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