सुनो भवानी अरज हमारी दया करो माँ कृपा करो माँ
(मुखड़ा)
सुनो भवानी, अरज हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ,
शरण में बैठे हैं, माँ तुम्हारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ।।
(अंतरा)
ये अपना जीवन, तेरी अमानत,
तू ही है जननी, तू ही है पालक,
तेरे चरण के, हैं हम पुजारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ,
सुनो भवानी, अरज हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ।।
कहें तुम्हें सब, दया का सागर,
लुटा दो ममता, गले लगाकर,
भुला दो सारी, खता हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ,
सुनो भवानी, अरज हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ।।
तेरे सिवा हम, किसे पुकारें,
ये नैन केवल, तुम्हें निहारें,
तुम्हीं पे आशा, टिकी हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ,
सुनो भवानी, अरज हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ।।
जो ‘सोनू’ कर दे, तू एक इशारा,
संवर ही जाए, जनम हमारा,
मिटा दो बाधा, माँ जग की सारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ,
सुनो भवानी, अरज हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ।।
(अंतिम पुनरावृत्ति)
सुनो भवानी, अरज हमारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ,
शरण में बैठे हैं, माँ तुम्हारी,
दया करो माँ, कृपा करो माँ।।
सुनो भवानी अरज हमारी दया करो माँ कृपा करो माँ ~ मन भर जायेगा माताजी के यह गीत से ~ एकाग्रता से सुनिए
Singer - Raju Mehra
Music - Dipankar Saha
Writer - Sunil Gupta