मां तुमने लाड़ लड़ाया मेरा उपकार भजन
मां तुमने लाड़ लड़ाया मेरा उपकार भजन
दिया बहुत मेरी माँ ने मुझको,उतनी मेरी औकात कहाँ,
ये तो मेहर है मेरी मैया की,
वरना मुझ में ऐसी बात कहाँ।
माँ तुमने लाड लड़ाया तो,
मेरा उपकार हो गया,
सदके जाऊँ मैया जी तुम्हारे,
मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हो गया।
लाज सदा मेरी रखना,
मैया चाहूँ मैं कुछ और ना,
जीवन डोर है हाथ तुम्हारे,
रखना बेटे पे सदा गौर माँ,
चरणों शीश नवा है,
इनसे मुझे प्यार हो गया,
सदके जाऊँ मैया जी तुम्हारे,
मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हो गया,
माँ तुमने लाड लड़ाया तो,
मेरा उपकार हो गया।
मेहर सदा मुझपे की है,
सदा बक्शा मुझे मान है,
सच्ची खुशियाँ देने वाली,
रही सदा मुझपे मेहरबान है,
चिंतापूर्णी कृपा से तुम्हारी,
मेरा उपकार हो गया,
सदके जाऊँ मैया जी तुम्हारे,
मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हो गया,
माँ तुमने लाड लड़ाया तो,
मेरा उपकार हो गया।
भव सागर से मैया भवानी,
नैया तुम्हीं तो पार लगाती हो,
जो भाव से झुके तुम्हारे द्वारे,
उसके सदा भाग जगाती हो,
सौंप दी पतवार हाथ तुम्हारे,
राजीव का बेड़ा पार हो गया,
सदके जाऊँ मैया जी तुम्हारे,
मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हो गया,
माँ तुमने लाड़ लड़ाया तो।
दिया बहुत मेरी माँ ने मुझको,
उतनी मेरी औकात कहाँ,
ये तो मेहर है मेरी मैया की,
वरना मुझ में ऐसी बात कहाँ।
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