मैया अमर कंटक वाली तुम हो भोली भजन
मैया अमर कंटक वाली तुम हो भोली भजन
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
तेरे गुण गाते है साधू,
बजा बजा के ताली,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
मैया चार भूजा धारी,
तुम हो भोली भाली।
भूरे मगर किन्ही सवारी,
हाथ कमल का फूल,
सब को देती रिद्धि सिद्धि,
हमे गई क्यों भूल,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
नहीं हमारा कुटुंब कबीला,
नहीं मात और तात,
हम तो आये शरण तुहारी,
शरण पड़े की लाज,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
निर्धनियो को धन देती है,
अज्ञानी को ज्ञान,
अभीमानी का मान घटाती,
खोती नामो निशान,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
लाखो पापी तुमने तारे,
लगी ना पल की देर,
अब तो मैया मेरी बारी,
कहा लगा गई देर,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
अमर कंठ स्थान तुम्हारा,
दो धारो के पास,
याहा शिवशंकर करे तपस्या,
शूचि शिखर कैलाश,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
तेरे गुण गाते है साधू,
बजा बजा के ताली,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
मैया चार भूजा धारी,
तुम हो भोली भाली।
तुम हो भोली भाली,
तेरे गुण गाते है साधू,
बजा बजा के ताली,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
मैया चार भूजा धारी,
तुम हो भोली भाली।
भूरे मगर किन्ही सवारी,
हाथ कमल का फूल,
सब को देती रिद्धि सिद्धि,
हमे गई क्यों भूल,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
नहीं हमारा कुटुंब कबीला,
नहीं मात और तात,
हम तो आये शरण तुहारी,
शरण पड़े की लाज,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
निर्धनियो को धन देती है,
अज्ञानी को ज्ञान,
अभीमानी का मान घटाती,
खोती नामो निशान,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
लाखो पापी तुमने तारे,
लगी ना पल की देर,
अब तो मैया मेरी बारी,
कहा लगा गई देर,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
अमर कंठ स्थान तुम्हारा,
दो धारो के पास,
याहा शिवशंकर करे तपस्या,
शूचि शिखर कैलाश,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली।
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
तेरे गुण गाते है साधू,
बजा बजा के ताली,
मैया अमर कंटक वाली,
तुम हो भोली भाली,
मैया चार भूजा धारी,
तुम हो भोली भाली।
मैया अमरकंटक वाली I Maiya Amarkantak Wali I CHARANJEET SINGH SONDHI I Narmada Bhajan I Full Audio
Maa Narmada Bhajan: Maiya Amarkantak Wali
Singer: Charanjeet Singh Sondhi
Music Director: Charanjeet Singh Sondhi
Lyrics: Traditional
Album: Maiya Amarkantak Wali
Music Label: T-Series
Singer: Charanjeet Singh Sondhi
Music Director: Charanjeet Singh Sondhi
Lyrics: Traditional
Album: Maiya Amarkantak Wali
Music Label: T-Series
मां अमर कंटक वाली की कृपा से जीवन में हर कांटा फूल बन जाता है। वो भोली भाली हैं, चार भुजाओं वाली, भूरे रंग की सवारी पर विराजमान, हाथ में कमल का फूल लिए सबको रिद्धि-सिद्धि बरसाती हैं। निर्धनों को धन देती हैं, अज्ञानियों को ज्ञान का प्रकाश, और अहंकारी का घमंड तोड़कर उन्हें सच्चे रास्ते पर ले आती हैं। लाखों पापियों को पल भर में तार दिया, किसी की शरण में आने पर कभी लाज नहीं छोड़ी। जब साधक बिन कुटुंब, बिन माता-पिता के उनके चरणों में गिरते हैं, तो वो सब कुछ दे देती हैं, बस एक पुकार भर सुन ली।
अमर कंठ के पास, दो धाराओं के किनारे, जहां शिवशंकर जी कैलाश पर्वत पर तपस्या करते हैं, वहां विराजी हैं मां। साधु उनके गुण गाते हैं, तालियां बजाते हुए। हमें सिखाती हैं कि सच्ची शरण में कोई भूल नहीं होती, इश्वर का आशर्वाद हर मुश्किल आसान कर देता है। जीवन की हर राह में ये करुणा का भाव जगाती हैं, प्रेम की बरसात करती हैं, ताकि हमारा मन शुद्ध हो, जीवन सार्थक बने। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मां अमर कंटक वाली जी की।
अमर कंठ के पास, दो धाराओं के किनारे, जहां शिवशंकर जी कैलाश पर्वत पर तपस्या करते हैं, वहां विराजी हैं मां। साधु उनके गुण गाते हैं, तालियां बजाते हुए। हमें सिखाती हैं कि सच्ची शरण में कोई भूल नहीं होती, इश्वर का आशर्वाद हर मुश्किल आसान कर देता है। जीवन की हर राह में ये करुणा का भाव जगाती हैं, प्रेम की बरसात करती हैं, ताकि हमारा मन शुद्ध हो, जीवन सार्थक बने। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मां अमर कंटक वाली जी की।