सुन कुल दिया पंडता हो दस दिया ठाकरे भजन
सुन कुल दिया पंडता हो दस दिया ठाकरे भजन
सुन कुल दिया पंडता हो,सुन कुल दिया पंडता हो,
दस दिया ठाकरे दे वारे
तेरा ठाकुर पंडिता,
क्या हो कमांदा,
क्या भला खांदा हो।
सुन धन्य जाता ओ,
खातिर मेरी गौ चरदा,
फल मेवे खांदा ओ,
जग मंदा ओ,
हाल भी चलना हो।
सुन कुल दिया पंडता हो,
दस दिया ओ ठाकरे दे वारे,
तेरा ठाकुर पंडिता,
क्या हो कमांदा,
क्या भला खांदा हो।
सुन कुल दिया पंडता हो,
लेना मैं ठाकुर तेरा,
मैं मेवे खिलांदा ठाकुर,
जो काम लगन्दा हो,
एक गौ ले आओ पंडिते,
जिओ जग मन,
एक ठाकुर लेयी जाने जन्या,
मंदिर बनाया हो।
सुन कुल दिया पंडता हो,
दस दिया ओ ठाकरे दे वारे,
तेरा ठाकुर पंडिता,
क्या हो कमांदा,
क्या भला खांदा हो।
सुन कुल दिया पंडता हो,
गऊ ता मैं लेयी आया,
मेरी ठाकुर देदे पंडिता,
करे मंदिर बिठाना हो।
रकडी पत्थर ओ पंडिते ने,
धन्ने जो पदया जा सेवा,
करिए ठाकुर दी,
मुराद पाया हो।
सुन कुल दिया पंडता हो,
दस दिया ओ ठाकरे दे वारे,
तेरा ठाकुर पंडिता,
क्या हो कमांदा,
क्या भला खांदा हो।
SUN KUL DEYA PANDATA HO, SHER SINGH,Himachali Ram Bhajan,Kutiya Ram Aaye,Audio
Ram Bhajan: SUN KUL DEYA PANDATA HO
Singer: Sher Singh
Music Director: Varinder Bachchan
Lyricist: Surender Verma
Album: Kutiya Ram Aaye
Music Label: T-Series
पंडित जी को कुल दिया सुनाते हुए ठाकुर की लीला का वर्णन कितना सरल लगता है। दस दिया ठाकुर के वारे में पुकारते हुए, वो गौ चराते, फल मेवे खाते, जग के मंदों के बीच भी चाल चलते रहते। कमांदा क्या, भला खांदा क्या—सब कुछ वैसा ही स्वीकार कर लेते। जब लेना ठाकुर तेरा कहकर गौ लाकर मंदिर बनवाते, तो रकड़ी पत्थर से धन्य हो जाते। साधक को सिखाते हैं कि सेवा में मन लगाओ, गौ माता लाकर ठाकुर की भक्ति करो, तो मुरादें पूरी हो जातीं। ये प्रेम का बंधन जगाता है, जहां हर काम सरल लगे, जीवन में आनंद बरसे।
गऊ लाकर ठाकुर को प्रसन्न करना, मंदिर बिठाना—ये सब इश्वर का आशर्वाद है। पंडिते की सेवा से पद पाते, ठाकुर की कृपा से सब सिद्ध होता। हमें याद दिलाते हैं कि भक्ति में छोटी-छोटी बातें बड़ी बन जातीं, जैसे एक गौ लाना जीवन बदल दे। करुणा का भाव भरा रहता, प्रेरणा मिलती कि सेवा से ही मन शांत होता। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री ठाकुर जी की।
यह भजन भी देखिये
बसो मेरे नैनन में सियाराम भजन
प्यारी जानकी के तन पर सोहे हल्दी
मेरे प्रभु राम आये है बहारों फूल बरसाओ