पवन उड़ा के ले गयी रे

पवन उड़ा के ले गयी रे

पवन उड़ा के ले गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया।
उड़के चुनरिया कैलाश पे पहुची,
गौरा जी के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया।

उड़के चुनरिया अयोध्या में पहुची,
माता सीता के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया।

उड़के चुनरिया गोकुल में पहुची,
राधा के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया।

उड़के चुनरिया सत्संग में पहुची,
भक्तो के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया।

उड़के चुनरिया कैलाश पे पहुची,
गौरा जी के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया।
 



पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया - माता रानी का बहुत ही प्यारा भजन || Navratri Bhajan

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