तू क्या जाने पीड़ पराई
तू क्या जाने पीड़ पराई,
शबद की लागी होय,
तू क्या जाने पीड़ पराई,
भजन की लागी होय,
सो जान जोरे मेरे भाई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
गैला में यो घायल घूमें रे,
घाव नज़र नहीं आई,
ज्ञान कामठा पैरी बैठा,
भजनों की भीड़ रलाई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
तू क्या जाने पीड़ पराई,
शबद की लागी होय,
तू क्या जाने पीड़ पराई,
भजन की लागी होय,
सो जान जोरे मेरे भाई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
अंकाने लागी बंका ने लागी,
लागी सदन कसाई,
बलख बुखारा ने ऐसी लागी,
छोड़ दीनी बादशाही,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
तू क्या जाने पीड़ पराई,
शबद की लागी होय,
तू क्या जाने पीड़ पराई,
भजन की लागी होय,
सो जान जोरे मेरे भाई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
ध्रुव ने लागी प्रहलाद ने लागी,
लागी मीरा बाई
गोपीचंद भरथरी ने ऐसी लागी,
अंग में भभूति रमाई ,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
तू क्या जाने पीड़ पराई,
शबद की लागी होय,
तू क्या जाने पीड़ पराई,
भजन की लागी होय,
सो जान जोरे मेरे भाई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
पांच ने मार पच्चीस बस करले,
अनघड़ लेवो जगाई,
कहें कबीर सुनो भाई साधो,
सुन्न में धजा फ़हराई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
तू क्या जाने पीड़ पराई,
शबद की लागी होय,
तू क्या जाने पीड़ पराई,
भजन की लागी होय,
सो जान जोरे मेरे भाई,
भजन की लागी लागी होय,
सो जानजो रे भाई।
तू क्या जाने पीड़ पराई | Tu kya jaane peed parai | Geeta Parag Kabir