भरोसा है मुझे तेरा तू ही मेरा सहायक है भजन
भरोसा है मुझे तेरा तू ही मेरा सहायक है भजन
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
सकल दुनिया के अंदर में,
अखंडित राज है तेरा।
चराचर विश्व का मालिक,
तू ही सब गुणनायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
जगत में जीव हैं जीते,
तेरे आधीन में सारे।
सभी नर, देव, दैत्यन का,
तू ही सिरताज नायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
धार विश्वास को दिल में,
शरण में जो पड़े तेरी।
करे सब कामना पूरण,
भोग अरु मोक्षदायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
नहीं है शान का तेरी,
जगत में दूसरा कोई।
वो ‘ब्रह्मानन्द’ सब जग का,
तू ही तारण विधायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
तू ही मेरा सहायक है॥
सकल दुनिया के अंदर में,
अखंडित राज है तेरा।
चराचर विश्व का मालिक,
तू ही सब गुणनायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
जगत में जीव हैं जीते,
तेरे आधीन में सारे।
सभी नर, देव, दैत्यन का,
तू ही सिरताज नायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
धार विश्वास को दिल में,
शरण में जो पड़े तेरी।
करे सब कामना पूरण,
भोग अरु मोक्षदायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
नहीं है शान का तेरी,
जगत में दूसरा कोई।
वो ‘ब्रह्मानन्द’ सब जग का,
तू ही तारण विधायक है।
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
भरोसा है मुझे तेरा,
तू ही मेरा सहायक है॥
Bharosa Hai Mujhe Tera|भरोसा है मुझे तेरा तुही मेरा सहायक है|Brahmanand Bhajan|Dr.Sunil Chaube|M.B.S
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तेरे नाम पर ठहरता मेरा विश्वास ऐसा दीपक है जो अँधेरों में भी न डगमगाए; जब भी राहें तंग हों, तेरी बाँहों का सहारा हाथ थामकर पूरे अस्तित्व में एक शान्ति भर देता है। संसार के अनगिनत चलन-ढाँचे और उठते-बैठते झंझट तेरे समक्ष झुक जाते हैं क्योंकि तू वही महान शक्ति है जिसके आगे सब कुछ सजग और नम्र हो उठता है। तेरे अधीन सीमित-सी लगती यह जीवनी, तेरे भरोसे से विस्तृत हो कर आशा और सुख से भर जाती है; तेरे आँचल में भय की लकीर मिट जाती और कर्मों की थकन को आराम-सा मिल जाता है। जिसने तुझमें शरण ली, उसकी हर मनोकामना पर तूने अपनी दया की छाप छोड़ी, और उस छाप में भोग-पूर्ति के साथ-साथ मोक्ष की धीमी-मीठी रोशनी भी समायी रहती है। जब लोक और पारलोक दोनों के रक्षक बनकर तू मुझे सँभालता है, तब मन में न केवल निर्भयता आती है बल्कि एक अटूट श्रद्धा का अनुभव भी होता है—तेरा साथ मेरे लिए जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा और सहारा है।
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Author - Saroj Jangir
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