अब याद लगाये हो कुछ काम किया होता

अब याद लगाये हो कुछ काम किया होता

अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता,
ओ जरा दर के ठिकाने मन,
माँ का नाम लिया होता,
अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता।

सांसो के ये मोती,
व्यर्थ ना लुटे होते,
माँ का नाम अगर अमृत,
जी भर के पिया होता,
अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता।

सो साल का जीना भी,
माँ के नाम बिना व्यर्थ,
जो भी किया होता,
माँ का नाम लिया होता,
अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता।

इस जोश जवानी में,
हम संभल संभल चलते,
हीरा ये जन्म जो था,
यू ना बर्बाद किया होता,
अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता।

विरान सी बस्ती है,
मैया जी मेरे मन की,
इस उजड़े हुए गुल को,
गुलजार किया होता,
अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता।

अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता,
ओ जरा दर के ठिकाने मन,
माँ का नाम लिया होता,
अब याद लगाये हो,
कुछ काम किया होता।
 



Navratri bhajans || Ab yaad lagaye ho kuch kaam kiya hota

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