जब से आया मैं खाटू मेरे काम ये बनते भजन
जब से आया मैं खाटू मेरे काम ये बनते भजन
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते।
इधर-उधर से कैसे होता,
श्याम ये मेरे कराते॥
पहली बार मिलने को मैं पैदल ही आया,
दूजी बार उसने गाड़ी में बुलाया।
भटक रहा था कहाँ-कहाँ पर,
श्याम ही बात बनाते॥
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते॥
हाथ में निशान लेकर चौखट पर पहुँचा,
बाबा ने मेरे तब आँसू को पोंछा।
ऐसा किया करिश्मा इसने,
लोग ये चक्कर खाते॥
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते॥
लकी को ऐसी जगह मिल गई है,
बाबा की ऐसी कृपा मिल रही है।
खुशियाँ ही खुशियाँ हैं,
जीवन में भक्त नाचते गाते॥
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते॥
मेरे काम ये बनते जाते।
इधर-उधर से कैसे होता,
श्याम ये मेरे कराते॥
पहली बार मिलने को मैं पैदल ही आया,
दूजी बार उसने गाड़ी में बुलाया।
भटक रहा था कहाँ-कहाँ पर,
श्याम ही बात बनाते॥
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते॥
हाथ में निशान लेकर चौखट पर पहुँचा,
बाबा ने मेरे तब आँसू को पोंछा।
ऐसा किया करिश्मा इसने,
लोग ये चक्कर खाते॥
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते॥
लकी को ऐसी जगह मिल गई है,
बाबा की ऐसी कृपा मिल रही है।
खुशियाँ ही खुशियाँ हैं,
जीवन में भक्त नाचते गाते॥
जब से आया मैं खाटू,
मेरे काम ये बनते जाते॥
जबसे में खाटू आया | Jabse Main Khatu Aya | Khatu Shyam Bhajan by Mukesh Sharma (Kota)
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Song: Jabse Main Khatu Aaya
Singer: Mukesh Sharma ( Kota) 84520-25357 - 9887186217
Music: Sonu Sharma
Lyricist: Jai Kaushik
Category: Hindi Devotional ( Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
Singer: Mukesh Sharma ( Kota) 84520-25357 - 9887186217
Music: Sonu Sharma
Lyricist: Jai Kaushik
Category: Hindi Devotional ( Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
पहले जहाँ चीजें उलझा करती थीं और रास्ते बंद दिखते थे, अब कोई भी काम सहजता से बनने लगा है। श्याम की कृपा ऐसे सामने आती है कि जिन्हें मैं ठोकरे समझता था, वही रास्ते बनकर मेरे सामने खुल जाते हैं। हर चिंता, हर कठिनाई जैसे धीरे-धीरे हल्की पड़ती जा रही है — ऐसा मानो किसी ने मेरे जीवन की खिड़कियाँ खोल दी हों और भीतर रोशनी भर दी हो।
हाथ में निशान लिए जब मैं चौखट पर पहुँचा, तो बाबाजी ने मेरी पीड़ा और कठिनाइयों को देखा, और मेरे आँसुओं को अपने हाथों से पोंछा — यह केवल सांकेतिक नहीं, बल्कि आत्मा को मिलती सहानुभूति और स्वीकार्यता का अनुभव था। उस स्पर्श में इतना सुख और राहत थी कि मेरे भीतर की तमाम बेचैनी शांत हो गई। जो लोग यह देख रहे थे, वे चकित रह गए; कुछों के लिए यह एक रहस्य-सा करिश्मा था, और कुछों के लिए साक्षात् करुणा का प्रदर्शन।
अब मेरी जिन्दगी में किस्मत ने एक नया मोड़ ले लिया है — ऐसी जगह मिली है जहाँ बाबा की कृपा बरस रही है। यह कृपा केवल भौतिक सुख नहीं देती; यह दिल को आनंद से भर देती है, घर-परिवार में आत्मीयता बढ़ाती है, और मन में एक नाटकीय शांति लाती है। खुशियाँ इतनी बढ़ गई हैं कि भक्तों का मन नाचने-गाने को ललचाता है; साधारण क्षण भी पर्व बन जाते हैं। जीवन अब भक्ति और उत्साह से जगमगा रहा है।
हाथ में निशान लिए जब मैं चौखट पर पहुँचा, तो बाबाजी ने मेरी पीड़ा और कठिनाइयों को देखा, और मेरे आँसुओं को अपने हाथों से पोंछा — यह केवल सांकेतिक नहीं, बल्कि आत्मा को मिलती सहानुभूति और स्वीकार्यता का अनुभव था। उस स्पर्श में इतना सुख और राहत थी कि मेरे भीतर की तमाम बेचैनी शांत हो गई। जो लोग यह देख रहे थे, वे चकित रह गए; कुछों के लिए यह एक रहस्य-सा करिश्मा था, और कुछों के लिए साक्षात् करुणा का प्रदर्शन।
अब मेरी जिन्दगी में किस्मत ने एक नया मोड़ ले लिया है — ऐसी जगह मिली है जहाँ बाबा की कृपा बरस रही है। यह कृपा केवल भौतिक सुख नहीं देती; यह दिल को आनंद से भर देती है, घर-परिवार में आत्मीयता बढ़ाती है, और मन में एक नाटकीय शांति लाती है। खुशियाँ इतनी बढ़ गई हैं कि भक्तों का मन नाचने-गाने को ललचाता है; साधारण क्षण भी पर्व बन जाते हैं। जीवन अब भक्ति और उत्साह से जगमगा रहा है।
यह भजन भी देखिये
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर कृष्णा भजन, जन्माष्टमी भजन, भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल/Lyrics उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
