मेरे मन मन्दिर में माँ सुबह शाम तुम्हें देखूं

मेरे मन मन्दिर में माँ सुबह शाम तुम्हें देखूं

मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं,
मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं,
कण कण में तुम्हे देखु,
हर पल में तुम्हें देखूं।

मेरे नैनों मे बस जाओ,
मेरे मन मे समा जाओ,
मेरे रोम रोम मे माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं,
कण कण में तुम्हें देखूं,
हर पल में तुम्हें देखूं,
मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं।

ये तन भी तुम्हारा है,
मेरा मन भी तुम्हारा है,
जिसकी हर धङकन में,
सुबह शाम तुम्हे देखूं,
कण कण में तुम्हें देखूं,
हर पल में तुम्हें देखूं,
मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं।

ये रिश्ता पुराना है,
कहीं टूट ना जाए माँ,
हर जन्म जन्म में माँ,
सुबह शाम तुम्हे देखूं,
कण कण में तुम्हें देखूं,
हर पल में तुम्हें देखूं,
मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं।

मेरी यादों मे बस जाओ,
मेरे प्राणो में रम जाओ,
मेरे श्वास श्वास में माँ,
सुबह शाम तुम्हे देखूं,
कण कण में तुम्हें देखूं,
हर पल में तुम्हें देखूं,
मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं।

मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं,
मेरे मन मन्दिर में माँ,
सुबह शाम तुम्हें देखूं,
कण कण में तुम्हे देखु,
हर पल में तुम्हें देखूं।
जय जय माँ।
 


Mere Man Mandir Me Maa Subah Shaam Tumhe Dekhu Bhajan By Suresh Ji #vaishnodevi #jaimatadi #bhajan


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