ओ राधिके दिल तोड़ कर जाओ ना भजन
ओ राधिके दिल तोड़ कर जाओ ना भजन
मुझसे ना रुठो राधा,मुंह मोड़ कर जाओ ना,
ओ राधिके,
दिल तोड़ कर जाओ ना।
तेरे बिन राधा नहीं,
किसी को भी देखूं,
सब जानती हो प्रिय,
जान से भी ज्यादा,
मैंने चाहा है तुमको,
मानती हो ना प्रिय,,
ओ राधा मानती हो ना प्रिय,
प्यार हमारा छूटे ना,
तुम छोड़ कर जाओ ना,
ओ राधिके,
दिल तोड़ कर जाओ ना।
तन में भी तुम हो,
मन में भी तुम हो,
जीवन में तुम ही हो,
वादा तुम ही से,
है यह हमारा प्रेम,
कभी ना कम हो,
हो राधा प्रेम,
कभी ना कम हो,
कान पकड़ता हूं राधा,
छोड़ कर जाओ ना,
प्राण प्रिय राधा मुझसे,
हाथ छोड़ कर जाओ ना,
ओ राधिके,
दिल तोड़ कर जाओ ना।
दुनिया यह,
जब भी प्यार करेगी,
याद करेगी हमको,
कृष्ण कन्हैया,
कहेगी मुझको,
राधा कहेगी तुझको,
ओ प्यारी राधा,
कहेगी तुझको,
सच जो कहा है राधे तो,
फिर लौट के आओ ना,
सच जो कहा है राधे तो,
फिर दौड़ कर आओ ना,
ओ राधिके,
दिल तोड़ कर जाओ ना।
ओ राधिके दिल तोड़ के जाओ ना | O Radhike Dil Tod Ke Jao Na | Gagandeep Singh | Radha Krishan Bhajan
Title Song :- O Radhike Dil Tod Ke Jao Na
Singer :- Gagandeep Singh
Artist :- Gagandeep Singh
Lyrics :- Gagandeep Singh
Music Director :- Gulshan Music Sonotek
Edit : Vipul Janga Sonotek
राधा-कृष्ण का वो बिछड़ने का डर हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम कभी टूटता नहीं। जब प्रियतम हाथ छोड़ने को कहे, "मुझसे न रुठो, मुंह न मोड़ो", तो मन पिघल जाता है। तन हो या मन, जीवन हर कोने में वही बसते हैं। जान से ऊपर का ये बंधन किसी और को नजर नहीं आता, बस दो दिलों का अपना राज़ है। कान पकड़कर वादा कर लो, दुनिया जब प्यार करेगी तो हमारी ये जोड़ी याद आएगी। राधे-कन्हैया का नाम लेते ही आंसू छलक पड़ेंगे। ये प्रेम तो वादा है जो कभी कम न हो। जय श्री राधे जी। जय श्री कृष्ण जी।
प्रेमी की पुकार में वो दर्द छिपा है जो हमें जोड़ने की ताकत देता है। "दिल तोड़कर मत जाओ राधिके", ये शब्द सुनकर साधक महसूस करता है कि अलगाव तो बस एक खेल है। सच कहो तो लौट आओ, दौड़कर गले लग जाओ। दुनिया हमसे सीखेगी कि प्रेम में वफादारी ही सब कुछ है। राधा का नाम लेते ही मन शीतल हो जाता है, कृष्ण की बंसी की तान बज उठती है। ये बिछोह की कहानी हमें प्रेम की गहराई दिखाती है, जहां हर सांस में प्रियतम बसता है। इश्वर का आशर्वाद हम सब पर बना रहे, ये प्रेम दिल को हमेशा छूता रहे। जय श्री राधे जी। जय श्री कृष्ण जी।
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