प्रथम तुम्हे वंदन शिव नंदन
प्रथम तुम्हे वंदन शिव नंदन
सुना है जो शरण में हैं आते,उनके सभी कष्ट मिटाते हो,
बनके खिवैया हे शिव नंदन,
नैया उनकी तुम ही तो,
पार लगाते हो,
जय जय गौरी नंदन गणेश।
प्रथम तुम्हे वंदन,
शिव नंदन अति विशेष,
नैया राजीव की भी पार लगा दो,
हे गणनायक थाम लो,
मेरी पतवार,
प्रभु जी मेरे भी कष्ट मिटा दो,
यही विनती मेरी बारंबार,
जय जय गौरी नंदन गणेश।
प्रथम तुम्हे वंदन,
शिव नंदन अति विशेष,
होते रहते हैं नित नित मुझसे,
भगवन पाप बड़े अपराध,
आन पड़ा हूं चरणों में,
करो क्षमा सब,
यही विनती मेरी फ़रियाद,
जय जय गौरी नंदन गणेश।
प्रथम तुम्हे वंदन,
शिव नंदन अति विशेष,
भक्ति तप और करना ध्यान,
प्रथम देव मुझे नहीं आता है,
पर श्रद्धा से लेता हूं,
नाम तुम्हारा,
मेरे मालिक मुझको,
बस यही भाता है,
जय जय गौरी नंदन गणेश,
प्रथम तुम्हे वंदन,
शिव नंदन अति विशेष
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जय गौरी नंद गणेश
प्रथम प्रणाम करूं ,
माता जिनकी पारवती हैं,
पिता हैं जिनके महेश
प्रथम प्रणाम करूं ।
विघ्नं हरण मंगल के दाता,
हरे जो सबके कलेश
प्रथम प्रणाम करूं।
स्वर्ण मुकुट तेरे माथे विराजे
गले वैजन्ती माला साजे
सुंदर बदन सुरेश,
प्रथम प्रणाम करूं।
तुम हो तन में तुम हो मन में,
तुम हो घर में तुम हो वन में
रक्षा करो हमेंश,
प्रथम प्रणाम करूं।
हाथ जोड़ हम विनती पुकारें,
लाज रखो हे शंकर प्यारे
पूजा करूं हमेंश,
प्रथम प्रणाम करूं।
जय गौरी नंद गणेश
प्रथम प्रणाम करूं।
प्रथम प्रणाम करूं ,
माता जिनकी पारवती हैं,
पिता हैं जिनके महेश
प्रथम प्रणाम करूं ।
विघ्नं हरण मंगल के दाता,
हरे जो सबके कलेश
प्रथम प्रणाम करूं।
स्वर्ण मुकुट तेरे माथे विराजे
गले वैजन्ती माला साजे
सुंदर बदन सुरेश,
प्रथम प्रणाम करूं।
तुम हो तन में तुम हो मन में,
तुम हो घर में तुम हो वन में
रक्षा करो हमेंश,
प्रथम प्रणाम करूं।
हाथ जोड़ हम विनती पुकारें,
लाज रखो हे शंकर प्यारे
पूजा करूं हमेंश,
प्रथम प्रणाम करूं।
जय गौरी नंद गणेश
प्रथम प्रणाम करूं।
गणेश वंदना//जय गौरी नंद गणेश प्रथम प्रणाम करूं//स्वर साधना सिंह