वैष्णो माँ के द्वार चलो रे आवाज़ सबको भजन
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे आवाज़ सबको भजन
ऊँचे भवन में बैठी हैं मैया,
आवाज़ सबको देती हैं मैया।
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
तीनों देवियों में सबसे निराली,
लक्ष्मी के संग विराजी हैं काली।
काम तेरे यहाँ बनेंगे सारे,
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
कस लो तुम पेटी, ले लो ये बस्ता,
ऊँची है पैड़ी, लंबा है रास्ता।
साथ तेरे यहाँ मैया चलेंगी,
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
रखवाली यहाँ करते हैं भैरव,
दुखड़े भुलाकर जाते यहाँ सब।
लकी माँ की महिमा गाए,
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
आवाज़ सबको देती हैं मैया।
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
तीनों देवियों में सबसे निराली,
लक्ष्मी के संग विराजी हैं काली।
काम तेरे यहाँ बनेंगे सारे,
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
कस लो तुम पेटी, ले लो ये बस्ता,
ऊँची है पैड़ी, लंबा है रास्ता।
साथ तेरे यहाँ मैया चलेंगी,
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
रखवाली यहाँ करते हैं भैरव,
दुखड़े भुलाकर जाते यहाँ सब।
लकी माँ की महिमा गाए,
द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,
वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥
Maa Ke Dwar Chalo |Devi Bhajan| AAKASH KABEERA | Full 4K
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Devi Bhajan: Maa Ke Dwar Chalo
Singer: Aakash Kabeera
Music Director: Surinder Kohli
Lyricist: Rakesh Dhama
Album: Maa Ke Dwar Chalo
Music Label: T-Series
Singer: Aakash Kabeera
Music Director: Surinder Kohli
Lyricist: Rakesh Dhama
Album: Maa Ke Dwar Chalo
Music Label: T-Series
ऊँची भवन में विराजमान मैया: यह पंक्ति बताती है कि माता एक महिमामयी, ऊँचे स्थान पर विराजमान हैं — भक्तों को ऊपर से बुलाती हुई, सबका उद्धार करने वाली। "आवाज़ सबको देती है मैया" में माँ की वही करुणा और सार्वभौमिक आमंत्रण झलकता है: किसी भी जात-पात, किसी भी हालत का भक्त आ सकता है।
तीन देवी—लक्ष्मी, काली और वैष्णो: यहाँ तीनियों की अलग-अलग परिकल्पना आती है—लक्ष्मी समृद्धि का दायित्व निभाती हैं, काली संकटों का नाश करती हैं, और वैष्णो माँ संयम व रक्षा का स्वरूप हैं। इनका संग यह संदेश देता है कि माँ के दर्शनों से धन, सुरक्षा और संकटमोचन—तीनों मिलते हैं। "काम तेरे यहाँ बनेंगे सारे" आश्वस्त करता है कि माँ के दर पर हर मनोकामना संभव है।
यात्रा की तैयारी और साथ: "कस लो तुम पेटी, ले लो ये बस्ता" दर्शाता है कि भक्तों को मिट्टी का न हटाने वाला संकल्प कर के सफर करना चाहिए; यात्रा लंबी है तो भी माँ साथ चलेंगी। यह भक्ति में निवृत्ति और भरोसे का भाव है—मैया अपने बच्चों के साथ उत्पन्न व्यवहार रचती हैं।
तीन देवी—लक्ष्मी, काली और वैष्णो: यहाँ तीनियों की अलग-अलग परिकल्पना आती है—लक्ष्मी समृद्धि का दायित्व निभाती हैं, काली संकटों का नाश करती हैं, और वैष्णो माँ संयम व रक्षा का स्वरूप हैं। इनका संग यह संदेश देता है कि माँ के दर्शनों से धन, सुरक्षा और संकटमोचन—तीनों मिलते हैं। "काम तेरे यहाँ बनेंगे सारे" आश्वस्त करता है कि माँ के दर पर हर मनोकामना संभव है।
यात्रा की तैयारी और साथ: "कस लो तुम पेटी, ले लो ये बस्ता" दर्शाता है कि भक्तों को मिट्टी का न हटाने वाला संकल्प कर के सफर करना चाहिए; यात्रा लंबी है तो भी माँ साथ चलेंगी। यह भक्ति में निवृत्ति और भरोसे का भाव है—मैया अपने बच्चों के साथ उत्पन्न व्यवहार रचती हैं।
यह भजन भी देखिये
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर कृष्णा भजन, जन्माष्टमी भजन, भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल/Lyrics उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
