मेरी माँ के जैसा कोई दरबार नहीं मातारानी भजन
माँ तेरा ये दरबार यूं ही सजा रहे,
भक्तों पे बरसता रहे सदा माँ तेरा प्यार,
सर पर तेरा ये हाथ माँ यूं ही बना रहे।
दुनिया से भरोसा टूट गया,
किसी और पे अब एतबार नही,
मेरी माँ के जैसा कोई दरबार नहीं।
सारी दुनिया से बढ़कर के,
मैंने माँ के प्यार को जाना है,
तेरे चरणों में वो जादू है,
के झुकता सारा जमाना है,
मेरी माँ के जैसा कोई दरबार नहीं।
मैया तेरे दीवानों ने,
चौकी तेरी सजायी है,
ममता से भरी प्यारी मूरत,
भक्तो के मन को भाई है,
मैं देखू जहा तक मेरी माँ,
तेरा अक्ष नजर आता है मुझे,
नजरों का मेरी दोष नही,
मेरे मन में तू ही समायी है,
मेरी माँ के जैसा कोई दरबार नहीं।
तू साथ रहे किस बात का गम,
हिम्मत मेरी बढ़ जाती है,
तेरे दर पे सर को झुकाने से,
शौहरत मेरी बढ़ जाती है,
मेरी माँ के जैसा कोई दरबार नहीं।
यारो मौजी को होश कहां,
ये दुनिया से बेगाना है,
सारी दुनिया ये कहती है,
ये मैया का दिवाना है,
मेरी माँ के जैसा,
कोई दरबार नहीं।
MERI MAA KE JAISA DARBAR NAHI - मेरी माँ के जैसा दरबार नही
Song : MERI MAA KE JAISA DARBAR NAHI - मेरी माँ के जैसा दरबार नही
Singer : Pooja Golhani 076970 79728
Writer : Shri Jagdish Rajnegi Sir
Music : Bablu Methyush
Show Contect : Nandu Tamrakar - 98931-53872
Studio : Sachin Digital Jabalpur
Editor : Radhe Nirwan
मां की कृपा से रास्ते रोशन हो जाते हैं, दरबार सदा सजा रहता है। भक्तों पर प्यार बरसता रहता है, सिर पर हाथ बना रहता है। दुनिया का भरोसा टूट जाए तो मां का दरबार ही सहारा है। सारी दुनिया से ऊपर उनका प्यार, चरणों में झुकता है जमाना। जय माता जी।
दीवाने चौकी सजाते हैं, ममता भरी मूरत मन को भाई है। नजर जहां जाए, मां समाई रहती है। गम हो तो हिम्मत बढ़ाते हैं, सर झुकाने से शोहरत मिलती है। मौजी दुनिया से बेगाने, दिवाने कहलाते हैं। इश्वर का आशर्वाद हम सब पर बना रहे, ये ममता दिल को लोरी सुनाती रहे। जय माता जी।
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