रंग बरसे दरबार मैया जी मैया जी तेरे भजन
रंग बरसे दरबार मैया जी मैया जी तेरे भजन
रंग बरसे दरबार मैया जी तेरे रंग बरसेरंग बरसे रंग बरसे दरबार,
मैया जी तेरे रंग बरसे,
रंग बरसे रंग बरसे दरबार,
मैया जी तेरे रंग बरसे।
ऊँचेया पहाड़ा दिया,
ठंडिया हवावा,
स्वर्गा नु जांदिया ने,
मन्दीरा चो रावां,
भगता दा करदी उद्धार,
मैया जी तेरे रंग बरसे,
रंग बरसे रंग बरसे,
दरबार मैया जी तेरे रंग बरसे।
ऊँचेया पहाड़ा विच,
भक्ता दी टोली,
रहमता दे बैठी,
ए द्वार दाती खोली,
मँग के ते देख इक वार,
मैया जी तेरे रंग बरसे,
रंग बरसे रंग बरसे दरबार,
मैया जी तेरे रंग बरसे।
ऊँचेया पहाड़ा विच,
बदला दे टुकड़े,
जेहड़ा भी सुनावे दाती,
सुनदी ए दुखड़े,
कटदी है कलेश हजार,
मैया जी तेरे रंग बरसे,
रंग बरसे रंग बरसे दरबार,
मैया जी तेरे रंग बरसे।
ऊँचेया पहाड़ा विच,
फुल रंग रंग दे,
देणवाली इक है,
ते लख्खां लोकी मंगदे,
फीर भी ना मुकदे भण्डार,
मैया जी तेरे रंग बरसे,
रंग बरसे रंग बरसे दरबार,
मैया जी तेरे रंग बरसे।
Most Popular Bhajan Rang Barse Darbar Maiya Ji Tere Rang Barse | Ashok Chanchal Song | Navratri Song
Album: Hit Bhents Saga Vol-1
Title: Rang Barse
Singer: Ashok Chanchal
Label: Saga Music
Digital Partner: Unisys Infosolutions Pvt.Ltd
दरबार में माँ के रंग बरसते हैं, जैसे आसमान से खुशी की बूँदें गिर रही हों। ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों पर ठंडी हवाएँ चलती हैं, मंदिर की राहें स्वर्ग जैसी लगती हैं। भक्तों की टोली वहाँ बैठी रहम की उम्मीद में द्वार खुलने का इंतज़ार करती है। माँ सुनती हैं हर दुखड़ी, बादलों के टुकड़ों से भी दर्द की बातें पहुँच जाती हैं। हजारों क्लेश कट जाते हैं, दुख दूर हो जाते हैं, क्योंकि उनका दरबार इतना उदार है कि हर पुकार पर करुणा बरसती है।
ऊँचे पहाड़ों में फूलों की तरह रंग-बिरंगे वरदान खिलते रहते हैं। लाखों लोग माँगते हैं, फिर भी भंडारे कभी खाली नहीं होते। माँ देने वाली हैं, उनकी दया कभी थमती नहीं। एक बार मन से माँगो तो रंगों की बारिश हो जाती है, जीवन भर की खुशियाँ मिल जाती हैं। वो रंग इतने गहरे हैं कि दिल में बस जाते हैं, और हर पल माँ की मौजूदगी महसूस होती रहती है।
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