मैं तो थारो टाबरियो जगदंबे मैया भजन

मैं तो थारो टाबरियो जगदंबे मैया मेहर करो भजन

(मुखड़ा)
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो,
मेहर करो नी मैया, मेहर करो,
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो।।

(अंतरा)
तू अम्बे, तू मात भवानी,
तू दुर्गे माँ काली,
जय जगजननी, ज्वाला वरनी,
तू है शेरावाली,
अब आओ ना, देर करो,
जगदंबे मैया, मेहर करो,
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो।।

(अंतरा)
तारा वरनी चुनर थारी,
चांदल्यों चमकावे,
माथे बिंदिया, झुमका नथनी,
चूड़लो यूं चमकावे,
गल नोसर, हार खरो,
जगदंबे मैया, मेहर करो,
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो।।

(अंतरा)
एक हाथ में शंख विराजे,
दूजो खप्परधारी,
तीजे में त्रिशूल विराजे,
चौथो चक्रधारी,
सवारी सिंह की करो,
जगदंबे मैया, मेहर करो,
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो।।

(अंतरा)
पूत कपूत मैं जो कुछ मैया,
आखिर टाबर थारो,
भवसागर अटकी नैया,
मैया पार उतारो,
शेरावाली सिर पर हाथ धरो,
जगदंबे मैया, मेहर करो,
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो।।

(पुनरावृति)
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो,
मेहर करो नी मैया, मेहर करो,
मैं तो थारो टाबरियो,
जगदंबे मैया, मेहर करो।।
 


नवरात्र स्पेशल सांग - मैया मैहर करो | Rajasthani Mata Ka Bhajan by Namrata Karwa | Mata Bhajan

Song: Maiyya Meher Karo
Singer: Namrata Karwa (7506071753)
Music: Ajay Kumar
Lyricist: Traditional
Video: Shammi Sharma 

हे माँ जगदंबे, मैं तेरा नन्हा बालक हूँ, मुझ पर अपनी कृपा बरसा दे। तू अम्बे है, भवानी है, दुर्गा और काली का रूप धरे शेरों पर सवार होकर आती है। तेरी ज्वाला से सारा जग रोशन है—अब देर न कर, मेरे ऊपर मेहर की छाँव डाल दे।

तेरी तारा-जड़ी चुनर चाँदनी सी चमकती है, माथे की बिंदिया और गले का हार तेरी शोभा बढ़ाते हैं। जैसे कोई रानी अपने आभूषणों से सजती है, वैसे ही तू सबको मोह लेती है। एक हाथ में शंख, दूसरे में खप्पर, त्रिशूल और चक्र लिए तू शक्ति का रूप है—अपने सिंह की सवारी से मेरे पास आ, माँ।

मैं चाहे जैसा भी हूँ, पूत हो या कपूत, आखिर तेरा ही तो हूँ। यह जीवन की नैया भवसागर में फँसी है, तू ही इसे पार लगा सकती है। बस अपना हाथ मेरे सिर पर रख दे, शेरावाली। मैं तेरा टाबरियो हूँ, मुझ पर मेहर कर, माँ।

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