रक्षा बंधन है आया दास ये राखी लाया

रक्षा बंधन है आया दास ये राखी लाया

रक्षा बंधन है आया,
दास ये राखी लाया,
बंधवालो राखी मेरे श्याम,
मेरे प्रभु सुखधाम।

सर्वप्रथम मैं अपने,
सतगुरु के दर्शन पाऊं,  
दर्शन पाके सतगुरु के,
चरणों में शीश झुकाऊं,
चरणों में शीश झुकाके,
सद्गुरु का प्यार पाऊं,
ओ मेरे प्यारे मोहन,
बस जाओ मेरे नयन।

केसर का तिलक लगाकर,
श्रद्धा से आरती गाऊं,
सब विधी पूजन करके,
सतगुरु को भोग लगाओ,
कर कमल बढ़ाओ दाता,
राखी बँधवाओ दाता,
भक्ति का दान देदो,
ऐसा वरदान दे दो।

हर युग में सतगुरु जी ने,
भक्तों की लाज बचाई,
किरपा का हाथ देकर,
भक्तों के बने सहाई,
मीरा के श्याम भगवन,
शबरी के राम भगवन,
आनंदपुर धाम बनाया,
चरणों से हमें लगाया।
 

Raksha bandan Special Bhajan 2023 | रक्षा बंधन है आया दास ये राखी लाया | SSDN | Bhajan

रक्षा बंधन हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाइयों से उनकी रक्षा का वचन लेती हैं। भाइयों को अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनके लिए आशीर्वाद मांगते हैं।
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