ओढ़ चुनर मैं तो गई रे सत्संग में लिरिक्स
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में,
संवारो भिगोया माने,
गहरा गहरा रंग में,
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में।
ओ चढ़ के चढ़ाइयाँ,
मैं तो गई रे भवन में,
सुध बुध भूली मैं तो,
नाचो रे भवन में,
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में।
लाल रंग की मैया,
ओढे चुनरिया,
मैया जी बसी है,
म्हारे तन और मन में,
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में।
सब जग भूल के,
रंग गई मैं थामें,
खोई रे खोई रे मैं तो,
मैया जी के रंग में,
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में।
बिना सत्संग के,
यो जीव नहीं लागे,
लागे रे लागे रे,
म्हारो मन सत्संग में,
ओढ़ चुनर मैं तो,
गई रे सत्संग में।
Chalo Chaliye Gulabi Rutan Aaiyan [Full Song] Saanu Mata Ne Chithiyan Payeeyan