इन आंखों में सूरत है तेरी लिरिक्स
इन आंखों में सूरत है तेरी,
मन मंदिर में मूरत है तेरी।
होंठों पे नाम है तेरा,
सांसों में तू है बसा,
सुन अविनाशी सुन कैलाशी,
सुन गौरी के भोले पिया।
त्रिनेत्र धारी तू है,
तू नीलकंठ कहलाये,
पहने सर्प की माला और,
अंग बभूती लगाये,
पीके भंग प्याले,वर दे डाले,
ओ गौरी के भोले पिया,
इन आंखों में सूरत है तेरी,
मन मंदिर में मूरत है तेरी।
तू है सब का दाता,
तू है सबका पालनहारा,
तेरी दया का भगवन ना था,
ना है कोई किनारा,
धूप कहीं छाया,
सब तेरी है माया,
ओ गौरी के भोले पिया।
होंठों पे नाम है तेरा,
सांसों में तू है बसा,
सुन अविनाशी सुन कैलाशी,
सुन गौरी के भोले पिया।
इन आँखों में सूरत I In Ankhon Mein Surat Hai Teri I ANURADHA PAUDWAL I BABLA MEHTA I Shiv Bhajan
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