तेरे बिना ना गुजारा ऐ तेरे नाम दा सहारा ऐ

तेरे बिना ना गुजारा ऐ तेरे नाम दा सहारा ऐ

 
तेरे बिना ना गुजारा ऐ तेरे नाम दा सहारा ऐ

पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,
पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,
दर्शन देके मां मेरी ने कित्ते दूर हनेरे मां,
खुश मेरा दिल हो गया, खुश मेरा दिल हो गया,
तेरे बिना ना गुजारा ऐ, तेरे नाम दा सहारा ऐ,
पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,

चिंतापूर्णी चिंता हरनी, झोलियां खाली भरदी ऐ,
कृपा करदी, मेहर करदी, झोलियां खाली भरदी ऐ,
ओ जग सारा मत्था टेकदा, ओ जग सारा मत्था टेकदा,
तेरे बिना ना गुजारा ऐ, तेरे नाम दा सहारा ऐ,
पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,

तेरी कृपा दे नाम भेंटा, तेरीयां गौंदे हां,
तेरे नाम सहारे मैया हर पासे छौंदे हां,
पूरण दीवाना हो गया, पूरण दीवाना हो गया,
तेरा बच्चड़ा प्यारा ऐ, तेरे नाम दा सहारा ऐ,
पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,

पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,
पहला तेरे दर ते आके दर्शन कित्ते तेरे मां,
दर्शन देके मां मेरी ने कित्ते दूर हनेरे मां,
खुश मेरा दिल हो गया, खुश मेरा दिल हो गया,
तेरे बिना ना गुजारा ऐ, तेरे नाम दा सहारा ऐ,
जय जय अम्बे,


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इस भजन का मूल सार यह है कि भक्त अपनी माँ के दर्शन के बाद अत्यंत आनंदित और तृप्त महसूस करता है। वह कहता है कि माँ के दर्शन मात्र से ही उसके जीवन का सारा अंधकार दूर हो गया है और उसका दिल खुशियों से भर गया है। भक्त यह मानता है कि इस संसार में माँ के बिना उसका जीवन अधूरा है और केवल उनके नाम का ही सहारा है। वह पूरी तरह से अपनी माँ पर निर्भर है और उनकी कृपा को ही अपने जीवन का आधार मानता है।

इस भजन में जिन माँ का गुणगान किया गया है, वे माँ चिंतपूर्णी हैं, जिन्हें माँ दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है। उनके दर्शन करने से भक्तों की सभी चिंताएं दूर हो जाती हैं। भक्त यह मानता है कि माँ अपनी कृपा और आशीर्वाद से भक्तों की खाली झोलियाँ भर देती हैं। उनका यह विश्वास है कि माँ के नाम के सहारे वे हर मुश्किल को पार कर सकते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पा सकते हैं। माँ के प्रति यह गहरा विश्वास और समर्पण ही इस भजन का मूल भाव है।

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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