सांवेर की धरती सांवेर की धरती हनुमत साजे, चले हैं इनकी मर्जी। सांवेर की धरती।
पाताल में जाकर जब बजरंग, अहिरावन राज मिटाते हैं,
दिल बाग-बाग हो जाता है, जब राम हृदय मुस्काते हैं। सुन के पतन की आवाजें, सुन के पतन की आवाजें, यूँ लगे कहीं विध्वंस जगे। अरे राम लखन संग आते ही, सेना के मन संग हर्ष जगे।
बजरंग बाबा की यह प्रतिमा,
Hanuman Bhajan Lyrics Hindi
यहाँ उल्टा दर्शन देती है, ग़म कोसों दूर हो जाता है, कष्ट और पीड़ा हर लेती है। सुन जयसियाराम के नारों से, सुन जयसियाराम के नारों से, नगर, गगन, पूरा जगे। सांवेर नगर की यह भूमि, इंदौर उज्जैन के मध्य बसी।
04 राग परिचय : राग यमन | आरोह, अवरोह, पकड और आलाप | 04 Rag Parichay Rag Yaman Aroh Avaroh Pakad |
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें।