आ दरश दिखा दे बाबा श्याम भजन
आ दरश दिखा दे बाबा श्याम तुझे तेरे लाल बुलाते हैं भजन
तुझे तेरे लाल बुलाते हैं,
तुझे रो रो पुकारे मेरे नैन,
तुझे तेरे लाल बुलाते हैं,
आ दरश दिखा दे मेरे श्याम
आँखों के आंसू सुख चुके है,
अब तो तू दर्श दिखा दे,
कब से खड़े है दर पे तुम्हारे,
मन की तू प्यास बुझा दे,
तेरी लीला निराली मेरे श्याम,
तुझे तेरे लाल बुलाते हैं,
आ दरश दिखा दे मेरे श्याम..
भींच भवर में नैया पड़ी है
आकर तू पार लगा दे,
तेरे सिवा मेरा कोई नहीं है
आकर तू गले से लगा ले,
क्यों देर लगाते घनश्याम
तुझे तेरे लाल बुलाते हैं,
आ दरश दिखा दे मेरे श्याम...
डूब रहा है सुख का सूरज
गम की बदलिया छाई,
उजड़ गई है बगियाँ जीवन की
मन की कली मुरझाई,
करे विनती ये बालक श्याम
तुझे तेरे लाल बुलाते हैं,
आ दरश दिखा दे मेरे श्याम .........
संजय मित्तल जी का जोरदार भजन : आ दरश दिखा दे मेरे श्याम ~ बाबा श्याम भजन ~ सांवरिया
Album :- Shyam Se Nata
Song :- Aa Darsh Dikhade Mere Shyam
Singer :- Sanjay Mittal
Music :- Sanjay Mittal
Writer :- Nandu Ji, Binnu Ji, Harsh, Jaishankar Chaudhary, Pankaj Aggarwal
सुंदर भजन में श्रीकृष्णजी के प्रति ऐसी तीव्र तड़प है, जो उनके दर्शन की गुहार लगाती है। यह भाव है कि मन रो-रोकर सांवरे को बुलाता है, जैसे कोई बालक अपनी मां की गोद के लिए बेताब हो। आंखों के आंसू सूख गए हैं, और अब बस उनकी एक झलक की चाह है, जो मन की सारी प्यास बुझा दे।
खाटू वाले श्याम की लीला इतनी अनमोल है कि वह हर भक्त के दिल को मोह लेती है। यह पुकार है कि कब से उनके दर पर खड़े हैं, अब तो दर्शन देकर मन को ठंडक दे दो। जीवन की नाव भंवर में फंसी है, और सांवरा ही वह माझी है, जो इसे पार ले जा सकता है। यह विश्वास है कि उनके सिवा कोई नहीं, जो गले लगाकर सारे दुखों को मिटा दे।
जब जीवन का सुख डूब रहा हो, और गम की बदली छा जाए, तब श्रीकृष्णजी ही वह रोशनी हैं, जो मुरझाए मन को फिर से खिलने का बल देते हैं। यह एक बालक की सादगी भरी विनती है, जो अपने श्याम से बस दर्शन मांगता है, जैसे मीराबाई ने उनके प्रेम में सारी दुनिया भुला दी थी। यह मन की वह पुकार है, जो सांवरे के दर्शन के बिना अधूरी है और हर पल उनकी राह देखती है।
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