एक बार आजा खाटू क्यों सोच भजन लिरिक्स
एक बार आजा खाटू क्यों सोच कर रहा है,
खाटू की इस जगह पर मेरा श्याम बस रहा है,
बिगड़ी बनाता ये सबकी,
ये झोली भर रहा है मुरदे पूरी सबकी मेरा श्याम कर रहा है,
भगतो की ये कन्हिया हर बात सुन रहा है,
खाटू की इस............
कहती है दुनिया इसको हारे का है सहारा,
ये दोड़ा आता पल में जिसने इसे पुकारा,
भक्तो पे ये ख़ुशी की बरसात कर रहा है,
खाटू की इस............
इतना मुझे बता दो संसार के रचियाँ,
करती ववर पड़ी है पतवार ना खाविया,
विष्णु कन्हिया तेरा गुण गान कर रहा है,
खाटू की इस............
बिगड़ी बनाता ये सबकी,
ये झोली भर रहा है मुरदे पूरी सबकी मेरा श्याम कर रहा है,
भगतो की ये कन्हिया हर बात सुन रहा है,
खाटू की इस............
कहती है दुनिया इसको हारे का है सहारा,
ये दोड़ा आता पल में जिसने इसे पुकारा,
भक्तो पे ये ख़ुशी की बरसात कर रहा है,
खाटू की इस............
इतना मुझे बता दो संसार के रचियाँ,
करती ववर पड़ी है पतवार ना खाविया,
विष्णु कन्हिया तेरा गुण गान कर रहा है,
खाटू की इस............
- मीरा साधा रो संग छोड़ो ये Meera Sadha Ro Sang Chhodo
- बाला मैं बैरागन हूंगी Bala Main Bairagan Hungi
- आली रे मेरे नैणा बाण पड़ी
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
