सावन में सांवरे को झूला झुला रहा हूं भजन

सावन में सांवरे को झूला झुला रहा हूं भजन

सावन में सांवरे को,
झूला झुला रहा हूं,
बाबा के संग भक्तों को,
भी मैं रिझा रहा हूं।।

अंखियां दर्शन को बाबा,
कब से तरस रही हैं,
सावन के जैसे बाबा,
ये क्यों बरस रही हैं,
ये दयालु की दया जो,
मैं आज पा रहा हूं,
सावन में सांवरे को,
झूला झुला रहा हूं।।

ग्यारह महीने मुझको,
तेरा इंतजार रहता,
मेरे हाथ तेरी डोरी,
होगी मैं सबसे कहता,
शुभ दिन है आज वह,
न फूला समा रहा हूं,
सावन में सांवरे को,
झूला झुला रहा हूं।।

कहते हैं श्याम मुझसे,
ऐसे ही आऊंगा मैं,
गर तेरे भाव सच्चे,
यूं ही रीझ जाऊंगा मैं,
राजू मैं भी तो मिलने,
प्रेमी से आ रहा हूं,
सावन में सांवरे को,
झूला झुला रहा हूं।।

सावन में सांवरे को,
झूला झुला रहा हूं,
बाबा के संग भक्तों को,
भी मैं रिझा रहा हूं।।



अद्भुत भजन #सावन में सांवरे को झूला झुला रहा हूं #Savan m Sanwre ko jhula jhula #Rajendra Agrawal

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सावन में सांवरे को झूला झुला रहा हूं..
Singer राजेन्द्र अग्रवाल देई 9784483568
Music Shubranil chatrji (SP Studio) Kolkata
Lyrics राजेन्द्र अग्रवाल देई
video Sumit Sanwriya Sikar

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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