साई के रंग में, साई के रंग में, आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे, खेलन दे, होरी खेलन दे, साई के रंग में, साई के रंग में, आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे।
बादल से झर झर बदरिया, आये मोरे घर साई सावरियां, जाने ना दूंगी सारी रात, होली खेलन दे, आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे।
मोरी चुनरिया रंग रंगा दे साई, मोरे तू भाग जगा दे, तुझपे फ़िदा हो तुझपे मैं वारी, समजो मेरे जज्बात, होली खेलन दे आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे।
पनघट से भर के लाऊँ गगरिया, बीते तेरे संग होली उमरिया, कितने ही रंगो की बारिश है, होने दे बरसात, होली खेलन दे, आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे।
नैनों की भाषा नैना ही जाने, जिस तन लागे वो पहचाने, नैनो की मदिरा आज, पीयेंगे हम साथ होली खेलन दे आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे।
साई के रंग में, साई के रंग में, आज रंगाओ, आज रंगाओ, साई के रंग में, आज रंगाओ, अपनी चुनर सारी रात, होली खेलन दे,
Holi Bhajan 2021~साईं के रंग में आज रंगाओ~Hamsar Hayat~2021 Sai Bhajan
इस भजन में, एक महिला साई बाबा से होली खेलने की अनुमति मांग रही है। वह कहती है कि वह साई बाबा के रंग में रंगना चाहती है और पूरी रात होली खेलना चाहती है। भजन के पहले छंद में, महिला साई बाबा से होली खेलने की अनुमति मांगती है। वह कहती है कि वह साई बाबा के रंग में रंगना चाहती है। आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं