आज पावन महा शिव रात है शिव भजन
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
द्वार आया में तुम्हारे
जीवन में मुझको दे दो सहारा
भीड़ में गिर ना जाऊ कहीं में
मेरी नैया को दे दो किनारा
जिंदगी मेरी तेरी खैरात है
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
जल चढाने तुम्हे सारे आये
सबके जन्मो का है तुझसे नाता
भोले भक्ति में सब नाचे गाये
तू है सब सबके करम का विधाता
सारी खुशियां बस तेरी सौगात है
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
डम डम बाजे धुन डमरू की प्यारी
गूंजे जयकार धरती गगन में
माथे सोहे तिलक चन्द्रमा का
मुस्कुरा दे जटाधारी मन में
एक त्रिशूल भोले के हाथ है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
द्वार आया में तुम्हारे
जीवन में मुझको दे दो सहारा
भीड़ में गिर ना जाऊ कहीं में
मेरी नैया को दे दो किनारा
जिंदगी मेरी तेरी खैरात है
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
जल चढाने तुम्हे सारे आये
सबके जन्मो का है तुझसे नाता
भोले भक्ति में सब नाचे गाये
तू है सब सबके करम का विधाता
सारी खुशियां बस तेरी सौगात है
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
डम डम बाजे धुन डमरू की प्यारी
गूंजे जयकार धरती गगन में
माथे सोहे तिलक चन्द्रमा का
मुस्कुरा दे जटाधारी मन में
एक त्रिशूल भोले के हाथ है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
आज पावन महा शिव रात है
शिव के द्वारे पर आयी बरात है
आज पावन महाशिवरात है | Aaj Pawan Mahashivraat Hai | Lord Shiva Songs | Hindi Devotional Song
Lyrics: Ravindra MouryaComposer: Umesh, Vijay
Singer: Sanjay Sawant
महा शिवरात्रि की ये रात कितनी अनमोल होती है, जब हर तरफ भोलेनाथ के द्वार पर भीड़ उमड़ आती है। लोग जल चढ़ाने आते हैं, क्योंकि हर जन्म का नाता तो उसी से जुड़ा है। भक्ति में नाचते-गाते सब एक हो जाते हैं, डमरू की धुन गूंजती है और जयकारों से धरती-आकाश भर जाता है। माथे पर चंद्रमा का तिलक सजता है, जटाधारी मुस्कुरा देते हैं, तो मन में सारी थकान गायब। जीवन की नैया को किनारा मिल जाए, बस यही तो सहारा चाहिए, जो भीड़ में गिरने न दे।
त्रिशूल हाथ में लिए भोलेनाथ सबके कर्मों के विधाता हैं। खुशियां उनकी सौगात हैं, जो बरात की तरह बरसती रहती हैं। ये रात याद दिलाती है कि सच्ची भक्ति में ही जीवन की खैरात छिपी है। जब मन झुक जाता है, तो हर दुख दूर हो जाता है। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय भोलेनाथ जी की।
त्रिशूल हाथ में लिए भोलेनाथ सबके कर्मों के विधाता हैं। खुशियां उनकी सौगात हैं, जो बरात की तरह बरसती रहती हैं। ये रात याद दिलाती है कि सच्ची भक्ति में ही जीवन की खैरात छिपी है। जब मन झुक जाता है, तो हर दुख दूर हो जाता है। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय भोलेनाथ जी की।
