आरती गजबदन विनायक की गणेश आरती

आरती गजबदन विनायक की गणेश जी आरती

आरती गजबदन विनायककी Aarti Gajbadan Vinayak Ki Lyrics in Hindi

आरती गजबदन विनायककी। सुर-मुनि-पूजित गणनायककी॥
आरती गजबदन विनायककी॥
एकदन्त शशिभाल गजानन, विघ्नविनाशक शुभगुण कानन।
शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन, दुःखविनाशक सुखदायक की॥
आरती गजबदन विनायककी॥

ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति, विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति।
अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति, विद्या-विनय-विभव-दायककी॥
आरती गजबदन विनायककी॥

पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर, धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर।
लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर, सुर-वन्दित सब विधि लायककी॥
आरती गजबदन विनायककी॥


Aarti Gajvadan Vinayak 2 - Popular Devotional Video

 
गजबदन विनायक की आरती गाते ही मन में वो शांति उतर आती है जो विघ्नों को दूर कर देती है। एकदंत, चंद्रमा जैसे भाले वाले गजानन, शिव के पुत्र, चार मुखों वाले ब्रह्मा द्वारा भी वंदित – वो विघ्नों का नाश करते हैं और सुख की वर्षा करते हैं। ऋद्धि-सिद्धि के स्वामी, समर्थ, विमल बुद्धि देने वाले, पापों के जंगल को जला देने वाले, विद्या, विनय और वैभव के दाता – उनकी कृपा से हर राह आसान हो जाती है।


पिंगल नयन, विशाल सूंड धारण किए, धूम्र वर्ण, शुद्ध, वज्र और अंकुश हाथ में लिए, लंबोदर जो बाधाओं और विपत्तियों को हर लेते हैं। देवताओं द्वारा वंदित, हर काम में लायक – उनकी आरती उतारते ही लगता है जैसे सारे क्लेश दूर हो गए हों। गणनायक की ये आरती सिर्फ शब्द नहीं, एक पुकार है जो दिल से निकलती है, और वो सुन लेते हैं। हर विघ्न मिट जाता है, हर काम बन जाता है, और मन में बस उनकी ममता बसी रहती है।

Provided to YouTube by Shemaroo Entertainment Ltd.
Aarti Gajavadan Vinayak Ki · Varsha Srivastava
Aarti Gajavadan Vinayak Ki
℗ 2021 Shemaroo Entertainment Ltd
Released on: 2021-08-06
Producer: Vijay Nanda
Composer: Vijay Nanda 

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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