बंशी बजा के निंदिया उड़ाई भजन अनूप जलोटा

बंशी बजा के निंदिया उड़ाई भजन अनूप जलोटा

 
अनूप जलोटा भजन बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई Banshi Baja Ke Meri Nindiya Udayi Lyrics

बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई 
सांवला सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी

आँख मिचौली काहे खेले तू कान्हा
पलके बिछाए बैठी तेरी राधा
कास में तेरी बन जाती बंसुरिया
अधरों से तेरे लग जाती में सांवरिया
नैना निहारे पन्थ आओ मुरारी
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी

याद जो आये मोहे पल महारास के
थिरके पायलिया मृदंग ताल पे
जितनी गोपिया उतने गोविन्दा
कण कण में हे जेसे भगवंता
पल ना पड़े अब कान्हा पल पल भारी
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी

बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई
लाडला कन्हैया मेरा कृष्ण कन्हाई
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी



Anup Jalota - Bansi Baja Ke Meri (Bhajan Prabhat) (Hindi)

बंसी की धुन सुनते ही नींद उड़ जाती है। सांवला सलोना कन्हैया जब बंसी बजाता है तो मन कुञ्ज-कुञ्ज में भटकने लगता है। राधा प्यारी गलियों में ढूंढती फिरती है कि कहाँ छिप गए मेरे गिरधारी। आँख मिचौली खेलते हुए भी वो कभी दूर नहीं जाते। पलके बिछाए बैठी राधा का मन अधरों से लगने की चाह में बंसुरिया बन जाता है। नैना हर राह देखते रहते हैं कि कब मुरारी आकर सामने खड़े हो जाएंगे।

महारास की याद आते ही पायल थिरकने लगती है, मृदंग की ताल पर सारा ब्रज नाच उठता है। जितनी गोपियाँ उतने ही गोविन्द हर कण-कण में समाए हुए हैं। पल भर भी कान्हा के बिना भारी लगने लगता है। हर सांस में बस यही नाम गूंजता है। कुञ्ज की गलियों में ढूंढती राधा को जब वो मिल जाते हैं तो सारा ब्रज खुशी से भर जाता है। छोटी-छोटी लीला में भी प्रेम की गहराई महसूस होती है, जैसे हर पल उनके साथ बीत रहा हो।
आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
 
Singer : Anup Jalota
Lyrics : Pt.Kiran Mishra
Music : Triveni-Bhavani
Video Director : Manoj Sharma. 
 
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