हमारा यार है गिरधर हमें औरो से भजन
हमारा यार है गिरधर हमें औरो से भजन
हमारा यार है गिरधर,
हमें औरों से क्या लेना,
प्यार है उनमें,
बेपनाह उनमें,
हमें औरों से क्या लेना,
हमारा यार है गिरधर,
हमें औरों से क्या लेना।।
ना बिछड़ें वो हमसे,
ना बिछड़ें हम प्यारे से,
मेरी नज़रों में आ जाओ,
फिर दूसरों से क्या लेना,
हमारा यार है माधव,
हमारा यार है गिरधर,
हमें औरों से क्या लेना।।
ना कोई अब बसे दिल में,
ना अब रहे दिल में,
तुम ही तुम रूह में होवोगे,
तो फिर औरों से क्या लेना,
हमारा यार है गिरधर,
हमें औरों से क्या लेना।।
ना तुम्हें मैं भूलूँ,
ना मद में मैं झूलूँ,
हो यही बस कामना पूर्ण,
हमारा यार है गिरधर,
हमें औरों से क्या लेना।।
हमारा यार है गिरधर | Hamara Yaar Hai Girdhar | Shyam Bhajan by Ankush Ji Maharaj (Full HD)
Song: Hamara Yaar Hai Girdhar
Written, Composed and Sung by : Ankush Ji Maharaj ( 9411430830 - 7417089493 - 9259527315)
Music: Sargam Productions
Video: Prayog Creation
DOP: Prateik Jain
Editor: Sachin Bhatia SB
Mix-Master: Sachin Bhatia SB
Category: HIndi Devotional (Shyam Bhajan)
Written, Composed and Sung by : Ankush Ji Maharaj ( 9411430830 - 7417089493 - 9259527315)
Music: Sargam Productions
Video: Prayog Creation
DOP: Prateik Jain
Editor: Sachin Bhatia SB
Mix-Master: Sachin Bhatia SB
Category: HIndi Devotional (Shyam Bhajan)
गिरधर का साथ जीवन को इतना सरल बना देता है कि दुनिया की किसी और चीज की जरूरत ही न पड़े। उनका प्यार बेपनाह है, जो दिल की हर कोर में उतर जाता है, बिछड़ने का नामोनिसान भी नहीं सोचता। माधव का यार बन जाना मतलब हर नजर में बस उसी का दर्शन, बाकी सब फीके पड़ जाते हैं। वो रूप इतना मोहक है कि रूह तक बस उसी से भर जाती है, न कोई और जगह बचती है न कोई और चाह।
ना भूलने की फिक्र, न मद में झूलने का डर, बस यही कामना कि हमेशा साथ रहें, निगाहें मिलती रहें। मीरा जैसी भक्ति में ये प्रेम जागता है, जहां गिरिधर गोपाल ही सब कुछ हो जाते हैं। वृंदावन की उन लीलाओं की याद आती है, जहां हर सांस में बस उनका नाम गूंजता है। ये बंधन इतना मजबूत है कि दुनिया की माया हार मान लेती है।
ना भूलने की फिक्र, न मद में झूलने का डर, बस यही कामना कि हमेशा साथ रहें, निगाहें मिलती रहें। मीरा जैसी भक्ति में ये प्रेम जागता है, जहां गिरिधर गोपाल ही सब कुछ हो जाते हैं। वृंदावन की उन लीलाओं की याद आती है, जहां हर सांस में बस उनका नाम गूंजता है। ये बंधन इतना मजबूत है कि दुनिया की माया हार मान लेती है।
