हे करुणामयी राधे मुझे बस तेरा सहारा भजन

हे करुणा मयी राधे मुझे बस तेरा सहारा भजन

 
हे करुणा मयी राधे मुझे बस तेरा सहारा है लिरिक्स Hey Karuna Mayi Radhe Mujhe Bas Tera Sahara Hai Lyrics

हे करुणा मयी राधे
मुझे बस तेरा सहारा है
मुझे बस तेरा सहारा है
अपना लो मुझे श्यामा
तेरे बिन कौंन हमारा है
तेरे बिन कौन हमारा है
हे करुणा मयी राधे
मुझे बस तेरा सहारा है

कोई किसी का नहीं जहाँ में
झूठी जग की आस
झूठी जग की आस
हम बेबस लाचारों की श्यामा
तुम से यही अभिलाष
तुम से यही अभिलाष
दिनों पे कृपा करना
यही स्वाभाव तुम्हारा है
यही स्वाभाव तुम्हारा है
हे करुणा मयी राधे
मुझे बस तेरा सहारा है

गहरी नदिया नांव पुरानी
डगमग डोले नैया
डगमग डोले नैया
बिच भवर में आन फसा हूँ
पकड़ो मेरी बहियाँ
पकड़ो मेरी बहियाँ
कहीं डूब ना जाऊँ मैं
किशोरी दूर किनारा है
किशोरी दूर किनारा है
हे करुणा मयी राधे
मुझे बस तेरा सहारा है

तेरे दर पे जो भी आए
उनको तुम अपनाती
उनको तुम अपनाती
गर्दिश के मारो की श्यामा
बिगड़ी बात बनाती
बिगड़ी बात बनाती
हम जैसे अधमो का
जीवन तुमने ही सवारा है
जीवन तुमने ही सवारा है
हे करुणा मयी राधें
मुझे बस तेरा सहारा है

चित्र विचित्र अपने कर्मों से
मन ही मन घबराए
मन ही मन घबराए
तेरी किरपा का ले के सहारा
द्वार तुम्हारे आए
द्वार तुम्हारे आए
तेरे दर के सिवा मेरा
कहीं नहीं और गुजारा है
कहीं नहीं और गुजारा है
हे करुणा मयी राधे
मुझे बस तेरा सहारा है 


हे करुणामयी राधे मुझे बस तेरा सहारा है !! राधा अष्ठमी संकीर्तन !! इंटर कॉलेज बरसाना !! 28-08-2017
He Karuna Mayee Raadhe
Mujhe Bas Tera Sahaara Hai
Mujhe Bas Tera Sahaara Hai
Apana Lo Mujhe Shyaama
Tere Bin Kaunn Hamaara Hai
Tere Bin Kaun Hamaara Hai
He Karuna Mayee Raadhe
Mujhe Bas Tera Sahaara Hai

Koee Kisee Ka Nahin Jahaan Mein
Jhoothee Jag Kee Aas
Jhoothee Jag Kee Aas
Ham Bebas Laachaaron Kee Shyaama
☛ Singer Name: बाबा चित्र विचित्र जी महाराज 
☛ Video Name: हे करुणामयी राधे मुझे बस तेरा सहारा है
© Copyright: Braj Bhav (बृज भाव)
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हे करुणामयी राधे मुझे बस तेरा सहारा है !! राधा अष्ठमी संकीर्तन !! इंटर कॉलेज बरसाना !! 28-08-2017
जो गौलोक में महारास के संदर्भ में कृष्ण और राधा के चरित्र के बारे में बताया है, वह वैष्णव धर्म के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। वैष्णव धर्म के अनुसार, कृष्ण और राधा एक ही हैं, केवल उनके दो रूप हैं। कृष्ण शक्ति के रूप हैं और राधा प्रेम के रूप हैं। इन दोनों रूपों के बिना ब्रह्मांड का अस्तित्व संभव नहीं है।

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