तू का तू कबीर भजन प्रह्लाद सिंह टीपनिया
इनका भेद बता मेरे अवधू
अच्छी करनी कर ले तू
डाली फूल जगत के माही
जहाँ देखा वहां तू का तू
हाथी में हाथी बन बैठो
चींटी में हैं छोटो तू
होय महावत ऊपर बैठे
हांकन वाला तू का तू
चोरों के संग चोरी करता
बदमाशों में भेड़ो तू
चोरी करके तू भग जावे
पकड़ने वाला तू का तू
दाता के संग दाता बन जावे
भिखारी में भेड़ों तू
मंग्तो होकर मांगन लागे
देने वाला तू का तू
नर नारी में एक विराजे
दो दुनिया में दिसे क्यूँ
बालक होकर रोवन लागे
रखन वाला तू का तू
जल थल जीव में तू ही विराजे
जहाँ देखूं वहां तू का तू
कहें कबीर सुनो भाई साधो
गुरु मिला हैं ज्यों का त्यों
डाली फूल जगत के माही
जहाँ देखा वहां तू का तू
हाथी में हाथी बन बैठो
चींटी में हैं छोटो तू
होय महावत ऊपर बैठे
हांकन वाला तू का तू
चोरों के संग चोरी करता
बदमाशों में भेड़ो तू
चोरी करके तू भग जावे
पकड़ने वाला तू का तू
दाता के संग दाता बन जावे
भिखारी में भेड़ों तू
मंग्तो होकर मांगन लागे
देने वाला तू का तू
नर नारी में एक विराजे
दो दुनिया में दिसे क्यूँ
बालक होकर रोवन लागे
रखन वाला तू का तू
जल थल जीव में तू ही विराजे
जहाँ देखूं वहां तू का तू
कहें कबीर सुनो भाई साधो
गुरु मिला हैं ज्यों का त्यों
|
Admin - Saroj Jangir इस ब्लॉगपर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |

