दे माँ निज चरणों का प्यार भजन

दे माँ निज चरणों का प्यार भजन जगजीत सिंह

 
दे माँ निज चरणों का प्यार  De Ma Nij Charno Ka Pyar Lyrics

जय जय माँ, जय माँ
जय जय माँ, जय माँ
दे माँ, निज चरणों का प्यार
जय जय माँ, जय माँ
जय जय माँ, जय माँ

पूर्ण प्रेम दे, अमर स्नेह दे,
दिव्य शान्ति दे, आनन्द भी दे।
पूजा करूँ सदा मैं तेरी,
दे सुमिरन का आधार,
दे माँ, निज चरणों का प्यार,

तुझ को जानूँ, तुझ को मानूँ,
तुझ पर ही निज जीवन वारूँ,
ध्यान रहे तेरा ही निस दिन,
दे भक्ति का उपहार,
दे माँ, निज चरणों का प्यार,

हृदय अभीप्सा, से जाग्रत हो,
अभय हस्त मेरे सिर पर हो,
दिव्य प्रेम से ओत प्रोत हो,
जीवन का पारावार,
दे माँ, निज चरणों का प्यार
जय जय माँ, जय माँ
जय जय माँ, जय माँ
दे माँ, निज चरणों का प्यार
जय जय माँ, जय माँ
जय जय माँ, जय माँ 


De Maa Nij Charanon Ka Pyar | Hindi Devotional Song | Jagjit Singh

भक्त की मुख्य अभिलाषा माता के चरणों में स्थान पाने और उनके स्नेह में लीन होने की है, जिसके लिए वह सांसारिक सुखों के बजाय दिव्य शांति, अमर प्रेम, और पूजा-सुमिरन का आधार मांगता है। वह अपना संपूर्ण जीवन माता को समर्पित करने की इच्छा रखते हुए यह वरदान चाहता है कि उसका हृदय सदैव उनकी भक्ति से जागृत रहे और माता का अभय हस्त (निडरता देने वाला हाथ) सदा उसके सिर पर बना रहे। अंततः, यह कविता एक ऐसी तड़प को दर्शाती है जहाँ भक्त अपने जीवन रूपी सागर को माता के दिव्य प्रेम से ओत-प्रोत करना चाहता है ताकि उसे मोक्ष और वास्तविक आनंद की प्राप्ति हो सके।

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