मस्ती में नाँचे रही भक्तों की टोलियाँ, बड़ा सोहणा सजा दरबार है, भक्तों नाँचेंगे, मैनु सांवरियाँ सरकार, भक्तों नाँचेंगे, सारी ही दुनियाँ से दीवाने श्याम के आये, ये श्याम के दर पे आकर, मस्ती में है लहराए, सारी ही दुनियाँ से दीवाने श्याम के आये, ये श्याम के दर पे आकर, मस्ती में है लहराए, सब भक्तों ने ध्वजा श्याम की उठायी है, सब भक्तों ने ध्वजा श्याम की उठायी है, गूँजे श्याम की जय जयकार, भक्तों नाँचेंगे, बड़ा सोहणा सजा दरबार है, भक्तों नाँचेंगे, मैनु सांवरियाँ सरकार, भक्तों नाँचेंगे, छोटा बड़ा नहीं कोई, मेरे साँवरिया के द्वार, छोटा बड़ा नहीं कोई, मेरे साँवरिया के द्वार, ये सेठ है बड़ा दयालू, सब पर करता उपकार, ये सेठ है बड़ा दयालू, सब पर करता उपकार, छोटा बड़ा नहीं कोई, मेरे साँवरिया के द्वार, ये सेठ है बड़ा दयालू, सब पर करता उपकार, भक्तों पे हर घड़ी मेहर लुटाई है, भक्तों पे हर घड़ी मेहर लुटाई है, पल में भरता भण्डार, भक्तों नाँचेंगे, बड़ा सोहणा सजा दरबार है, भक्तों नाँचेंगे, मैनु सांवरियाँ सरकार, भक्तों नाँचेंगे, उस पर करता है कृपा, जो इसकी चौखट आया, संजय ने किस्मत पायी, इसके भजनों को गाया, उस पर करता है कृपा, जो इसकी चौखट आया, संजय ने किस्मत पायी, इसके भजनों को गाया, शर्मा की बिगड़ी बात बनायी है, सबका ये लखदातार , भक्तों नाँचेंगे, बड़ा सोहणा सजा दरबार है, भक्तों नाँचेंगे, मैनु सांवरियाँ सरकार, भक्तों नाँचेंगे,