बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया भजन
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
तेरे चरण की धूल को,
तेरे चरण की धूल को, सिर पे सजा लिया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
हो रोग तो इलाज भी हो जाएगा कहीं,
बिगड़े नसीब की मिलती दवा नहीं,
तेरे चरण की धूल में अमृत को पा लिया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
माया के झूठे जाल में कुछ इस तरह फँसे,
तुम साथ थी मगर तुम्हे पहचान ना सके,
जैसे किसी ने आँख पर परदा गिरा दिया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
कैसे अदा करे तेरा दादी जी शुक्रिया,
पत्थर से इस नसीब को हीरा बना दिया,
अच्छा हुआ के आप की चौकट पे आ गया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
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बिगड़े नसीब की मिलती दवा नहीं,
तेरे चरण की धूल में अमृत को पा लिया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
माया के झूठे जाल में कुछ इस तरह फँसे,
तुम साथ थी मगर तुम्हे पहचान ना सके,
जैसे किसी ने आँख पर परदा गिरा दिया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
कैसे अदा करे तेरा दादी जी शुक्रिया,
पत्थर से इस नसीब को हीरा बना दिया,
अच्छा हुआ के आप की चौकट पे आ गया,
बिगड़े हुए नसीब को हमनें बना लिया,
