हंस हीरा रो मोल करे
गुरु कुम्हार शिष्य कुम्भ है, घडि-घड़ि काढ़े खोट,
भीतर हाथ पसार के, बाहर मारे चोट,
गुरु म्हारा पारस पवन सूं ही झीना,
शायर वाली दाता लहरा करे,
हँसला री गुरुगम हंसलो ही जीणे,
हंस हीरा रा मोल करे हाँ, हो जी,
गुरु म्हारां पारस पत्थर ने पूजे,
पारस संग ले पत्थर तिरे,
पत्थर तिरेवो वाने प्रेमजाल पावे,
पारस पेले पार करे, हाँ, हो जी,
गुरु म्हारा पारस बलध (बैल) ने हाँके,
सत शब्दो वाली हाँक करे।
ज्ञान की डोरी ने प्रेम अगाडी,
हलकारे ज्यूं शाम ढले, हाँ, हो जी,
गुरु म्हारां पारस हेत वाला हीरा,
हंस मिल्यां दाता हेत करे,
हंसा रे जोड़े बैठे कागला,
कागा ने दाता हंस करे, हो जी,
बादली ज्यूं बरसे ने बिजली ज्यूं चमके,
झर-झर झरना नीर बहे,
नीर झरे वठे निपजण लागा,
पीया प्याला मगन फिरे हो जी,
गुरु म्हारा शायर समद जल सागर,
महासागर में जहाज तिरे,
नुगरा वे तो गलस्यां ही खावे,
समइयां पहला पार करे, ओ जी,
निर्गुनाथ भोलानाथ जी जाण्यां,
दुर्बल ऊपर दया करे,
भवानीनाथ यूं जश गावे,
आप गुरांसा ने याद करे, हो जी,
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Song : हंस हीरा रा मोल करे
Album : ganchi samaaj Puskar Live
Singer : धनराज जोशी