भाँग का ठेका बंद हो ग्या भजन
तू भाँग घोट के ना ल्याई गौरा,
तेरा रोज रोज का फंड हो ग्या,
कहाँ ते घोट के ल्याऊँ भोळे,
आज भाँग का ठेका बंद हो ग्या,
कहाँ ते घोट के ल्याऊँ भोळे,
आज भाँग का ठेका बंद हो ग्या,
ठेका बंद हो गया था तो तू,
क्यों ना ल्याई ब्लेक में,
चार पुलिसिया खड़े थे भोळे,
उस ठेके की बैक में,
भाँग के नौ दस बैग पिए ते,
कुणसा अपराध बुलंद हो ज्या,
कहाँ ते घोट के ल्याऊँ भोळे,
आज भाँग का ठेका बंद हो ग्या,
इसी के बिलकुल बिजली पड़गी,
मन्ने तू गोळी देवे स,
आज का दिन इतवार का,
सरकारी छुट्टी रहवे स,
मैं सब जाणु तेरी आदत,
घोटन पे तन्ने घमंड हो ग्या,
कहाँ ते घोट के ल्याऊँ भोळे,
आज भाँग का ठेका बंद हो ग्या,
काची काची घणी खड़ी स,
जंगल में से पाड़ के ले आती,
नशामुक्ति के वालो ने,
सारी पेड़ी कटवा दी,
भंग बिन रोटी नहीं भाती,
भूखा रहवण का ढंग हो ग्या,
कहाँ ते घोट के ल्याऊँ भोळे,
आज भाँग का ठेका बंद हो ग्या,
इधर उधर से ले आती तो मैं,
पी के खूब दुआ देता,
इधर उधर से मिलावटी वाळी तू,
नकली भांग बता देता,
प्रमोद कहे राजबाला म्हारा,
सबते न्यारा छंद हो ग्या,
कहाँ ते घोट के ल्याऊँ भोळे,
आज भाँग का ठेका बंद हो ग्या,
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Title Song :- Bhang Ka Thekha Band Ho Gaya
Singer :- Rajbala Bahadurgarh & Parmod Singhal
Category- #BholeKawadSong #BhangKaThekaBandHogya
Lyrics :- Parmod Singhal
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