माटी के पुतले सीता राम सीता राम भजन

माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै भजन

 
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै लिरिक्स Mati Ke Putale Seeta Ram Sita Ram Bol Re Lyrics

सीता राम, सीता राम,
माटी के पुतले, सीता राम सीता राम बोल रै,
सीता राम, सीता राम, सीता राम बोल रे,
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै,

जरा ध्यान से सोच ले मनवा माटी का तेरा तन,
बड़े भाग से दिया प्रभु ने मानव रूप ये जीवन,
मन वाणी से कभी किसी को, कटु बचन मत बोल रै,
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै,

जो कुछ तुझको पड़े दिखाई, सब है झूठा सपना
बेटा बेटी रिश्ते नातें कोई नहीं हैं अपना
इस माया नगरी में बंदे ज्ञान पिटारी खोल रे
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै,

माया के पीछे मत भागो माया नही तुम्हारी
माया रहे सदा ही झूठी  सचा माया धारी,
उस माया धारी से मिलता ,सचा सुख अनमोल रे,
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै,

इक दिन पिंजरा छोड़ के खाली उड़ जाएगा तोता,
पहले राम नाम को प्यारे रह ना जाएँ सोता
हरी शरण तू ने ही लगा ले इधर उधर मत डोल रे
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रै,


Mati Ke Putle Sita Ram Bol - Harisharan Awasthi | Ram Bhajan | Sanskar Bhajan

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.

ऐसे ही अन्य मधुर भजन देखें 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।  
 
 
Sita Ram, Sita Ram,
Maati ke putle, Sita Ram Sita Ram bol re,
Sita Ram, Sita Ram, Sita Ram bol re,
Maati ke putle Sita Ram Sita Ram bol re.

Zara dhyan se soch le manwa, maati ka tera tan,
Bade bhaag se diya Prabhu ne, maanav roop ye jeevan,
Man vani se kabhi kisi ko, katu bachan mat bol re,
Maati ke putle Sita Ram Sita Ram bol re.

Jo kuch tujhe padey dikhai, sab hai jhootha sapna,
Beta beti rishte naate, koi nahi hain apna,
Is maya nagri mein bande, gyaan pitari khol re,
Maati ke putle Sita Ram Sita Ram bol re.

Maya ke peeche mat bhago, maya nahi tumhari,
Maya rahe sada hi jhoothi, sacha maya dhaari,
Us maya dhaari se milta, sacha sukh anmol re,
Maati ke putle Sita Ram Sita Ram bol re.

Ek din pinjra chhod ke khaali, ud jayega tota,
Pehle Ram naam ko pyaare, reh na jaye sota,
Hari sharan tu ne hi laga le, idhar udhar mat dol re,
Maati ke putle Sita Ram Sita Ram bol re.

Bhajan : Mati Ke Putle Sita Ram Bol
Singer : Harisharan Awasthi
Label : Sanskar Bhajan
 
माटी का यह तन एक दिन छूट जाना है। प्रभु ने बड़े भाग से मानव रूप दिया है, इसलिए इसे व्यर्थ न जाने दो। मन और वाणी से किसी को कटु वचन मत बोलो। बस सीता राम, सीता राम जपते रहो।
जो कुछ दिखाई दे रहा है, सब झूठा सपना है। बेटा-बेटी, रिश्ते-नाते कोई अपना नहीं। इस माया नगरी में ज्ञान की पिटारी खोलकर देखो। माया के पीछे भागने से कुछ नहीं मिलता, वो सदा झूठी है। सच्चा सुख तो उसी माया धारी से मिलता है जो राम नाम में डूबा रहता है। एक दिन यह पिंजरा छोड़कर आत्मा उड़ जाएगी। इसलिए अभी से राम नाम को प्यारा बना लो, सोते मत रहो। हरी की शरण में लग जाओ, इधर-उधर मत भटको। सीता राम जपते ही मन हल्का हो जाता है, सारे बंधन ढीले पड़ जाते हैं और सच्ची शांति मिलने लगती है। 

यह भजन भी देखिये
मेरे दिल का स्वामी प्रभु एक तू है
हे दशरथ नन्दन राम माँ कौशल्या के राम
राम लो बचा मैं हो रहा हूं लापता भजन
Next Post Previous Post