सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है भजन

सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है भजन

 
सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है Sukhi Mera Pariwaar Hai  Raani Daadi Sati Bhajan

सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है,
मेरे घर का इक इक पत्थर तेरा क़र्जदार है,

देख गरीबी हम घबराए हम रहते थे परेशान जी,
किस्मत हमको लेके गई थी फिर मैया के धाम जी,
नज़र पड़ी मेरी मैया की भरा पड़ा भंडार है,
सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है।

दबी पड़ी है झोपड़ी, मैया के एहसान से,
भरी पड़ी है कुटियाँ मेरी बस माँ के सामान से,
जब भी माँगा मैया से, किया नही इंकार है
मेरे घर का इक इक पत्थर तेरा क़र्जदार है,
सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है।

जब जब संकट आता है माँ के आगे रोते हैं,
हम तो इसके भरोसे जी खूंटी तान के सोते है,
हर पल करती रखवाली ये बन के पेहरे दार है
मेरे घर का इक इक पत्थर तेरा क़र्जदार है,
सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है।

मैया जी का दिल देखा दिल की बड़ी दिलदार है
इस परिवार को ये समझें खुद का ही परिवार है
ज्यादा से ज्यादा बनवारी हम से करती प्यार है,
मेरे घर का इक इक पत्थर तेरा क़र्जदार है,
सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है। 
 

सुखी मेरा परिवार है माँ तेरा उपकार है | Rani Sati Dadi Bhajan | Dadi Ji Ke Bhajan | Saurabh-Madhukar
Sukhi Mera Parivaar Hai Ye Tera Upakaar Hai,
Mere Ghar Ka Ik Ik Patthar Tera Qarjadaar Hai,

परिवार का हर सदस्य, हर पत्थर माँ का ऋणी है, जिसे उसने अपने आशीर्वाद और उपकार से सुखी बनाया है। गरीबी और परेशानियों के बीच जब माँ का धाम नजर आता है तो मन में उत्साह और विश्वास जागता है। माँ के एहसान से छोटी-छोटी झोपड़ियाँ भी भरपूर होती हैं, और माँ कभी किसी मांगने वाले का इंकार नहीं करती। संकट के समय माँ की शरण में आकर रोते हैं और उसकी सुरक्षा में चैन की नींद सोते हैं। माँ का दिल बड़ा दयालु और परिवार के लिए समर्पित है, वह सभी को अपना परिवार मानती है और उनसे गहरा प्यार करती है। यह गीत माँ की ममता, स्नेह और संरक्षण से परिवार की समृद्धि और खुशहाली की भावना को सरल और भावपूर्ण भाषा में व्यक्त करता है।  
 
Rani Sati Dadi Bhajan: Sukhi Mera Pariwaar Hai Ye Tera Upkaar Hai
Singer: Saurabh-Madhukar
Lyricist: Jai Shankar Chaudhary 'Banwariji'
 
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