ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए श्याम

ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए श्याम बजाये घनशयाम बजाए भजन

ऐसी मधुर धुन, श्याम बजाए,
श्याम बजाये, घनशयाम बजाए,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाएं,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए।

कान्हाँ ऐसी तान सुनाएं,
सुध बुध सबकी हरता जाए,
छनक रही राधा की पायल,
पिया मिलन की प्यास जगाए,
पिया मिलन की प्यास जगाए,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाएं,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए।

बरस रहे हैं, पुष्प गगन से,
जैसे कोई सेज सजाए,
पुष्प लता बन बैठी झूला,
प्रेम रंग में डूबी जाए,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाएं,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए।

पवन दीवानी बहती जाए,
राधा का आँचल उड़ उड़ जाएं,
सर्वस्व पानी पानी राधा,
आज श्याम में रही समाय,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाएं,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए।

खुशबु से महका, वृन्दावन है,
कान्हा जब जब रास रचाए,
देख के ऐसा दृश्य मनोरम,
समय चक्र भी थम सा जाए,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाएं,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए।
(ऐसी मधुर धुन, श्याम बजाए,
श्याम बजाये, घनशयाम बजाए,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाएं,
ऐसी मधुर धुन श्याम बजाए। )

ऐसी मधुर धुन श्याम बजाये -Shyam Bhajan 2021 - Amit Kumar Singh @Saawariya

Aisi Madhur Dhun, Shyaam Bajae,
Shyaam Bajaaye, Ghanashayaam Bajae,
Aisi Madhur Dhun Shyaam Bajaen,
Aisi Madhur Dhun Shyaam Bajae.

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