सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं, गम जुदाई का सहा जाता नहीं, कोई संदेसा उनसे जाके ये कहो बिन तेरे हम से जिया जाता नहीं, सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं, ग़म जुदाई का सहा जाता नहीं।
रो रो मैंने दिन गुजारा रात भी,
अँखिया प्यासी है गुरु दीदार की, सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं, गम जुदाई का सहा जाता नहीं।
मुझसे काटे ना कटे ये जिंदगी, बिन गुरु की है अधूरी जिंदगी, सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं, गम जुदाई का सहा जाता नहीं।
कैसे तुझ बिन मै जिऊँ सद्गुरु बता, जब की तुझ बिन दिल कही लगता नहीं,
Kabir Bhajan Lyrics in Hindi
सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं, गम जुदाई का सहा जाता नहीं।
दिल तो चाहता है गुरु को ख़त लिखूं, क्या लिखूँ कुछ भी समझ आता नहीं, सद्गुरु की कोई खबर लाता नहीं गम जुदाई का सहा जाता नहीं।
दिल तो कहता है गुरु से जा मिलूँ, रस्ता पर मुजको नजर आता नहीं, सद्गुरु की कोई खबर लाता नहीं
गम जुदाई का सहा जाता नहीं।
नाम रूपी डोर से मुझे बाँध लो, शब्द पंख बिना उड़ा जाता नहीं, सद्गुरु की कोई खबर लाता नहीं गम जुदाई का सहा जाता नहीं।
सतगुरु की कोई खबर लाता नहीं
Sataguru Ki Koi Khabar Laata Nahin, Gam Judai Ka Saha Jaata Nahin, Koi Sandesa Unase Jaake Ye Kaho Bin Tere Ham Se Jiya Jaata Nahin, Sataguru Ki Koi Khabar Laata Nahin, Gam Judai Ka Saha Jaata Nahin.