(मुखड़ा) अंबे रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया। शेरोवाली ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया। विघ्नहर्ता विनायक ने, शुभ-लाभ को, माँ की महिमा बताया, मज़ा आ गया। पाप सब धुल गया, भाग्य ही खुल गया,
चरणों में सिर झुकाया, मज़ा आ गया। अंबे रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया।।
(अंतरा) भैरव खुश हो गए, ध्यान में खो गए, और हनुमान, श्री राम जपने लगे। ब्रह्मा ने व्यास को, एक नए वेद का, ज्ञान फिर से कराया,
Mata Rani Bhajan lyrics in hindi
मज़ा आ गया। अंबे रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया।।
स्तुति माँ की करने, लगा स्वर्ग में, देवताओं सहित, वज्र देवेंद्र का। कृपा, कुलदीप पर, करके करुणामयी, गुरु ब्रजमोहन पर, करके करुणामयी, तूने जो कुछ लिखाया,
मज़ा आ गया। अंबे रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया।।
(पुनरावृत्ति) अंबे रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया। शेरोवाली ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया। विघ्नहर्ता विनायक ने, शुभ-लाभ को, माँ की महिमा बताया, मज़ा आ गया। पाप सब धुल गया, भाग्य ही खुल गया, चरणों में सिर झुकाया, मज़ा आ गया। अंबे रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मज़ा आ गया।।
नवरात्रि भजन : अम्बे रानी ने दर पे बुलाया मजा आ गया : Navratri Songs | Devendra Pathak Ji