झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आंगना भजन
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आंगना भजन
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
माता यशोदा पलना झुलावें,
चेहरे पर मधुर मुस्कान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
भीड़ लगी है नंद भवन में,
आया कौन सा यह मेहमान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
शिव शंकर दर्शन को आए,
श्याम ने किया पहचान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
प्रभु दर्शन की होड़ लगी है,
बालक, बूढ़े, सब हैं आन,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
बाहर खड़े गोपी-गोपिका,
लिए हाथों में पकवान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
माता यशोदा पलना झुलावें,
चेहरे पर मधुर मुस्कान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
भीड़ लगी है नंद भवन में,
आया कौन सा यह मेहमान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
शिव शंकर दर्शन को आए,
श्याम ने किया पहचान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
प्रभु दर्शन की होड़ लगी है,
बालक, बूढ़े, सब हैं आन,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
बाहर खड़े गोपी-गोपिका,
लिए हाथों में पकवान,
नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान, नंद जी के आंगना में...
झूला झूल रहे भगवान नन्द जी के आंगन में | Jhula Jhul Rahe Bhagwan | Krishna Bhajan | Sheela Kalson
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Title ▹Jhula Jhul Rahe BHagwan Nand Ji Ke Angan Me
Artist ▹Sonia
Singer ▹Sheela Kalson
Lyrics & Composer ▹ Traditional
Artist ▹Sonia
Singer ▹Sheela Kalson
Lyrics & Composer ▹ Traditional
जब नंद जी के आँगन में भगवान का झूला झूलता है, तो लगता है मानो यहीं धरती पर स्वर्ग का खेल उतर आया है। यशोदा माँ पलना झुलाती हैं, बालक के चेहरे पर वह मधुर मुस्कान फैलती है जो हर दुख को भूला देती है। उस आँगन में नंद का आनंद ही असली दौलत बन जाता है, जहाँ भगवान खुद उसी नाटकी शरारत के साथ झूलते हैं जिससे ब्रह्मांड हँस उठता है। जय श्री कृष्ण जी।
भीड़ लगती है तो भी यह आँगन किसी दरबार जैसा नहीं, बल्कि एक घर का सुकून बन जाता है। गोपी‑गोपिकाएँ पकवान लेकर खड़ी होती हैं, बालक और बूढ़े एक ही दिल से दर्शन की आस लिए आते हैं। शिव जी जैसे देव भी उसी आँगन में बालक को पहचानकर मुस्कुरा देते हैं, क्योंकि यहीं कृष्ण का रूप इतना सादा और लालित्य से भरा है कि जितनी भी महिमा हो, वह सब इसी झूलते हुए दंड से फूट पड़ती है। इश्वर का आशर्वाद हम सब पर बना रहे, यह झूला हमेशा हमारे जीवन को याद दिलाता रहे कि प्रभु खुद सबसे सरल रूप में आँगन में आकर रहते हैं। जय श्री कृष्ण जी।
भीड़ लगती है तो भी यह आँगन किसी दरबार जैसा नहीं, बल्कि एक घर का सुकून बन जाता है। गोपी‑गोपिकाएँ पकवान लेकर खड़ी होती हैं, बालक और बूढ़े एक ही दिल से दर्शन की आस लिए आते हैं। शिव जी जैसे देव भी उसी आँगन में बालक को पहचानकर मुस्कुरा देते हैं, क्योंकि यहीं कृष्ण का रूप इतना सादा और लालित्य से भरा है कि जितनी भी महिमा हो, वह सब इसी झूलते हुए दंड से फूट पड़ती है। इश्वर का आशर्वाद हम सब पर बना रहे, यह झूला हमेशा हमारे जीवन को याद दिलाता रहे कि प्रभु खुद सबसे सरल रूप में आँगन में आकर रहते हैं। जय श्री कृष्ण जी।
आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
