जिस ओर नजर फेरूं दादी

जिस ओर नजर फेरूं दादी चहुँ ओर नजारा तेरा है

(मुखड़ा)
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है,
सतियों में तू सिरमौर है, माँ,
सांचा ये द्वारा तेरा है,
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है।।

(अंतरा)
तू मेरी है, मैं तेरी हूँ,
तू चंदा है, मैं चकोरी हूँ,
तेरे होते ही रोशन, दादी,
किस्मत का सितारा मेरा है,
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है।।

मैं तेरा ध्यान लगाती हूँ,
माँ, पास तुझे मैं पाती हूँ,
दुनिया की ना दरकार मुझे,
बस एक सहारा तेरा है,
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है।।

तू हाथ पकड़ के चलती है,
तुझसे ही मेरी हस्ती है,
नैया की खेवनहार तू ही,
तू ही तो किनारा मेरा है,
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है।।

मेरी डोर तुम्हारे हाथों में,
स्वाति की बसी हो साँसों में,
कहे हर्ष, वही मुड़ जाती हूँ,
जिसे जगत इशारा तेरा है,
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है।।

(पुनरावृत्ति)
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है,
सतियों में तू सिरमौर है, माँ,
सांचा ये द्वारा तेरा है,
जिस ओर नज़र फेरूँ, दादी,
चहुँ ओर नज़ारा तेरा है।।
 


Rani Sati Dadi Bhajan 2020 ~ चहुँ ओर नज़ारा तेरा ~ Swati Agarwal ~ Chahu Or Nazara Tera ~ Dadi Bhajan
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