हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है
हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है
शंकर की प्यारी है गोरा की दुलारी है
भजे मन हर हर मेरा,
भजो हर हर हर गंगे,
हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है।
मां अमरकंठ से आई,
जग तारण को जगत तारिणी आई,
भजे मन हर हर मेरा भेजो हर हर हर गंगे,
हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है।
शिवजी की जटा में समाई,
गोरा जी ने पृथ्वी पर भिजवाई,
भजे मन हर-हर मेरा भजो हर हर हर गंगे,
हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है।
मां करती मगर सवारी,
मां अमृत के कलश हाथ में लाई,
भजे मन हर हर गम मेरा भजो हर हर हर गंगे,
हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है।
तेरे जल में जो भी नहाए,
वो धर्मी क्या पापी भीतर जाए,
बजे मन हर हर मेरा वह जो हर हर हर गंगे,
हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है।
।। हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है।।HEY MAT GANGE TERI MAHIMA BADI NYARI HAI ।।
He Maat Gange Teri Mahima Badi Nyaari Hai,
Shankar Ki Pyaari Hai Gora Ki Dulaari Hai
Bhaje Man Har Har Mera,
Bhajo Har Har Har Gange,
He Maat Gange Teri Mahima Badi Nyaari Hai.
Shankar Ki Pyaari Hai Gora Ki Dulaari Hai
Bhaje Man Har Har Mera,
Bhajo Har Har Har Gange,
He Maat Gange Teri Mahima Badi Nyaari Hai.
भजन "हे मात गंगे तेरी महिमा बड़ी न्यारी है" माँ गंगा की महिमा का गुणगान करता है, जो शिवजी की जटा से निकलकर पृथ्वी पर गोरा (पार्वती) की कृपा से अवतरित हुईं। माँ गंगा जगत को तारने वाली, अमरकंठ से आईं तारिणी हैं, जो अपने अमृतमय जल से पापी और धर्मी दोनों को पवित्र करती हैं। भजन में गंगा माता की अनुपम महिमा, उनकी मगरमच्छ पर सवारी, और अमृत कलश की महत्ता का वर्णन है। भक्तों से हर हर गंगे का जाप करने का आह्वान किया गया है, जो उनके मन को शुद्ध और भक्ति से परिपूर्ण करता है।