बोलो जय साई साई साई नाम है सुखदायी

बोलो जय साई साई साई नाम है सुखदायी

साईं ने सच्ची दिशा जग में हमें दिखलाई,
बोलो जय साईं साईं,
साईं नाम है सुखदायी।।

साईं ने बातें कई अच्छी हमको हैं बतलाई,
साईं राम जय जय साईं,
साईं नाम है सुखदायी।।

कर्म अच्छे हो तो फल मिले सुंदर,
कर्मयोगी को ना है किसी का डर,
पाक हो दामन, निर्मल हो मन का घर,
साईं रहता है उस दिल के ही भीतर।
हम अलग ना, तुम जुदा — साईं का यह कहना है,
प्यार ही तो धर्म है,
मिलके सबको रहना है,
प्रीत की ही जीत है, यह बात हमें समझाई।
साईं राम जय जय साईं,
साईं नाम है सुखदायी।।

साईं, तेरा हम न छोड़ेंगे दामन,
तोड़ेंगे न हम यह प्यार का बंधन,
है चरणों में तेरे अब ज़िन्दगी अर्पण,
साईं, तुझको ही सौंपा है यह तन-मन।
है हमारी आरज़ू —
तेरा साथ छूटे ना,
रूठे चाहे यह जहाँ,
तू कभी भी रूठे ना।
अर्ज़, तूने भक्तों की अब तक न है ठुकराई।
बोलो जय साईं साईं,
साईं नाम है सुखदायी।।

साईं ने बातें कई अच्छी हमको हैं बतलाई,
साईं ने सच्ची दिशा जग में हमें दिखलाई।
बोलो जय साईं साईं,
साईं नाम है सुखदायी,
साईं राम जय जय साईं,
साईं नाम है सुखदायी।।


Bolo Jai Sai Sai | बोलो जय साई साई |Sai Baba Bhajan | Vinod Rathod |Vandana Bajpai | Full Audio Song

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Song Name: Bolo Jai Sai Sai
Album: Jai Jai Sai
Singer: Vinod Rathod, Vandana Bajpai
Lyrics: Bharat Acharya
Music Director: Sharma Bandhu
 
उस परम सत्ता का मार्गदर्शन भक्त के लिए वह सच्ची दिशा है, जो उसे जीवन के सत्य और प्रेम की ओर ले जाती है। यह मार्गदर्शन केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है, जो अच्छे कर्मों, निर्मल मन और प्रेममय हृदय के माध्यम से सुख और शांति प्रदान करती है। भक्त का मन इस विश्वास से परिपूर्ण हो जाता है कि वह साईं हर उस हृदय में वास करता है, जो पवित्र और निष्कपट है। उसकी शिक्षाएँ भक्त को यह सिखाती हैं कि प्रेम ही सच्चा धर्म है, और सभी को मिलजुल कर, एकता और प्रीति के साथ जीना है। यह सत्य भक्त को उस अनंत शक्ति के साथ जोड़ता है, जो हर अच्छे कर्म का सुंदर फल देती है और उसे हर भय से मुक्त करती है।

भक्त का हृदय उस साईं के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण से भर उठता है, जहाँ वह अपने तन-मन को पूर्णतः उसके चरणों में अर्पित कर देता है। यह समर्पण एक ऐसी आकांक्षा से प्रेरित है, जो उस साईं के साथ के बिना अधूरी है। भक्त यह प्रार्थना करता है कि चाहे सारा संसार उससे रूठ जाए, पर वह सत्ता कभी उसका साथ न छोड़े। उसका विश्वास कि साईं कभी अपने भक्तों की अर्जी को ठुकराता नहीं, उसे और भी दृढ़ करता है। यह भक्ति का वह पथ है, जहाँ भक्त उस सुखदायी नाम के जाप में लीन हो जाता है, जो उसके जीवन को प्रेम, शांति और सत्य के प्रकाश से आलोकित करता है, और उसे उस साईं के साथ एक अटूट बंधन में बाँधता है।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post