जिन्हें चाहिए वो हाजरी लगाना माता भजन
(मुखड़ा)
लूट रहा भंडार है,
मैया जी का द्वार है,
मौका बड़ा ही सुहाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना।।
(अंतरा)
मिलेगा न इस जग में,
दरबार ऐसा,
दर से लौट जाए जो,
भक्त है कैसा,
दर पे जो भी आता है,
हर मुरादें पाता है,
मैया से क्या शरमाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना।।
माँगना न, बंदे,
कभी भी किसी से,
लेगा वो सूद,
समेत तुझी से,
हाथ गर फैलाना है,
मौका सुहाना है,
पड़ता न मूल भी चुकाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना।।
माँग ले तू जितना भी,
भूख न मिट पाएगी,
सुनील, तेरी चाहत,
बढ़ती ही जाएगी,
माँगना जो अच्छा है,
दर ये माँ का सच्चा है,
माँ को ही दुखड़े सुनाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना।।
(पुनरावृत्ति)
लूट रहा भंडार है,
मैया जी का द्वार है,
मौका बड़ा ही सुहाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना,
जिन्हें चाहिए, वो हाजिरी लगाना।।
सारी इच्छायें पूरी कर जाएगा ये मातारानी का भजन | Mata Rani Ke Bhajan | Sherawali Mata ~ Durga Bhajan
Matarani Bhajan: Jinhe Chahiye Wo Hazri Lgana
Singer: Chetan Jaiswal
Lyricist: Shri Sunil Agrawal Ji