झंडे वाली तेरा ध्यान करता रहूं

झंडे वाली तेरा ध्यान करता रहूं

चाहे दुख पाऊं मैं,
चाहे सुख पाऊं मैं,
झंडे वाली तेरा,
ध्यान करता रहूं,
बस यही आरजू है,
भवानी मेरी उम्र भर,
तेरा गुणगान करता रहूं,
चाहे दुख पाऊं मैं,
चाहे सुख पाऊं मैं,
झंडे वाली तेरा,
ध्यान करता रहूं।

कितनी मुश्किल हो,
जीवन में परवाह नहीं,
मुश्किलो से कभी,
मैं तो डरता नहीं,
इतना आशीष दो मां,
सदा मुश्किले,
तेरी कृपा से,
आसान करता रहूं,
चाहे दुख पाऊं मैं,
चाहे सुख पाऊं मैं,
झंडे वाली तेरा,
ध्यान करता रहूं।

रास्तों की नही,
मुझ को कोई फिक्र,
जब तलक तेरे,
चरणों मे है मेरा सर,
मंजिले तेरे,
चरणो से पाता रहूं,
इतनी अरदास,
तुम से मैं करता रहूं,
चाहे दुख पाऊं मैं,
चाहे सुख पाऊं मैं,
झंडे वाली तेरा,
ध्यान करता रहूं।

झूठ की रोटी से,
ना गुजर मैं करूं,
दीन दुखियों की हर पल,
फिक्र मैं करूं,
शर्मा सब के दुख,
बाटता ही रहे,
संजय सब को ही,
सुख बांटता रहे,
चाहे दुख पाऊं मैं,
चाहे सुख पाऊं मैं,
झंडे वाली तेरा,
ध्यान करता रहूं।

बस यही आरजू है,
भवानी मेरी उम्र भर,
तेरा गुणगान करता रहूं,
चाहे दुख पाऊं मैं,
चाहे सुख पाऊं मैं,
झंडे वाली तेरा,
ध्यान करता रहूं।

भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Mata Rani Bhajan)


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